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Apara Ekadashi 2025 : व्रत के दौरान क्या खाए और क्या नहीं? ऐसे करें फलाहार
Apara Ekadashi 2025 Vart Me kya Khaye Aur Kya Nhi : हिंदू पंचांग के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस व्रत को अचला एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत पुण्य प्राप्ति, मोक्ष, यश, और समृद्धि दिलाने वाला माना गया है।

अपरा एकादशी 2025 की तिथि और पारण समय
इस बार अपरा एकादशी का व्रत 23 मई 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 23 मई को सुबह 1:12 बजे होगी और इसका समापन उसी दिन रात 10:00 बजे तक होगा। पारण यानी व्रत तोड़ने का शुभ समय 24 मई को सूर्योदय के बाद होगा।
अपरा एकादशी व्रत में क्या खाएं?
यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रहे हैं, तो आप फलाहार या कुछ सीमित चीजों का सेवन कर सकते हैं:
फल: केला, पपीता, सेब, अंगूर आदि
दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, दही, छाछ, पनीर (घर पर बना)
सूखे मेवे: काजू, बादाम, किशमिश, अखरोट
जड़ वाली सब्जियां: आलू, शकरकंद, अरबी (सेंधा नमक के साथ)
अनाज रहित आटा: कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना से बनी खिचड़ी, रोटी आदि
पेय पदार्थ: पानी, नींबू पानी, बिना दूध-चीनी की चाय या कॉफी
व्रत में क्या न खाएं?
सभी प्रकार के अनाज: गेहूं, चावल, दाल, जौ आदि
प्याज और लहसुन: तामसिक भोजन मना है
मांसाहार: मांस, मछली, अंडे पूरी तरह निषिद्ध
शहद: कुछ लोग इसका भी त्याग करते हैं
मसाले: हल्दी, धनिया पाउडर, मिर्च आदि से परहेज करें; केवल सेंधा नमक और काली मिर्च का उपयोग करें
तेल में तला हुआ खाना: बहुत अधिक तेल या घी से बचें
व्रत कैसे रखें?
- दशमी तिथि की शाम को सात्विक भोजन लें और ब्रह्मचर्य का पालन करें
- एकादशी को सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और भगवान विष्णु की पूजा करें
- व्रत का संकल्प लें, "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें
- दिनभर फलाहार करें या निर्जल उपवास रखें
- रात को भगवान विष्णु के भजन करें और जागरण करें
- द्वादशी के दिन स्नान कर दान-पुण्य करें
- तुलसी दल और चरणामृत से पारण करें, फिर सात्विक भोजन ग्रहण करें



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