Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Ram Mandir: जिंदगी की सारी जमापूंजी लगाकर बुनकर ने माता सीता के लिए बनाई 196 फीट साड़ी
Ayodhya Ram Mandir: भगवान श्री राम से प्रेम जताने के लिए भक्त अनूठा रास्ता खोज निकालते हैं। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह है। इस महा आयोजन में सभी अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के धर्मावरम के रहने वाले नागराजू को ही देख लीजिए। जुजारू नागराजू एक छोटे बुनकर हैं, लेकिन श्री राम के प्रति इनके हृदय में अथाह प्रेम भरा है। इन्होंने बड़े ही प्रेम के साथ माता सीता के लिए 196 फ़ीट लंबाई की साड़ी तैयार की है।

इस साड़ी को तैयार करने के लिए इन्होंने अपने जीवनभर की सारी जमापूंजी लगा दी है। इस काम की शुरुआत नागराजू ने साल 2022 में की थी। इसमें तमिल, तेलुगु, मराठी, उर्दू, मलयालम, उड़िया सहित 13 अलग अलग भाषाओं में 32,200 बार पवित्र मंत्र 'जय श्री राम' की कढ़ाई की गई है। यह प्रेम, कला और श्रम से तैयार की गयी अनूठी भेंट है।
शुरुआत में साड़ी की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये आंकी गई थी, लेकिन विशेष कपड़े 'राम कोटि वस्त्रम' के उपयोग के कारण, उन्होंने इस उत्कृष्ट कृति को बनाने के लिए अपनी सारी बचत खर्च कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक़, मंत्रोच्चार के अलावा, इस साड़ी में भगवान राम के जीवन की कहानियों की एक टेपेस्ट्री भी है, जिसे 168 जटिल सचित्र प्रस्तुतियों में दर्शाया गया है।
16 किलोग्राम वजनी साड़ी को पूरा करने में नागराजू को करघे पर रोजाना दस घंटे की शिफ्ट के साथ छह महीने लगे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्होंने साड़ी सौंपने की व्यवस्था के संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से बात की है। एक बार हरी झंडी मिलने के बाद, नागराजू व्यक्तिगत रूप से इस विशेष साड़ी को अयोध्या मंदिर में सौंपना चाहते हैं। हालाँकि, अज्ञात कारणों से, वह 22 जनवरी को उपहार पेश नहीं कर पाएंगे और इसे किसी अन्य विशेष अवसर पर सौंपने की योजना बनाएंगे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications