Latest Updates
-
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट
Bhai Dooj 2024 Confirm Date: भाई दूज कब है, नोट करें तिलक का शुभ मुहूर्त
Bhai Dooj 2024 Kab Hai: भाई दूज के अवसर पर बहन अपने भाई को तिलक करती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तिलक करने से भाई की आयु बढ़ती है।
यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। भाई दूज पर भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं, और बहन अपने भाई की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। अब जानते हैं, इस साल 2024 में भाई दूज कब है और तिलक का शुभ मुहूर्त क्या है।

भाई दूज 2024 कब है?
इस साल भाई दूज 3 नवंबर 2024, रविवार को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की द्वितीया तिथि 2 नवंबर 2024, शनिवार की रात 8:21 बजे शुरू होगी और 3 नवंबर, रविवार की रात 7:52 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार भाई दूज का पर्व 3 नवंबर को मनाया जाएगा।
भाई दूज 2024: शुभ मुहूर्त
3 नवंबर 2024 को तिलक करने के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
3 नवंबर ब्रह्म मुहूर्त: नवंबर प्रातः 4:51 से 5:43 तक
3 नवंबर अपराह्न मुहूर्त: नवंबर दोपहर 1:10 से 3:22 तक
3 नवंबर विजय मुहूर्त: नवंबर दोपहर 1:54 से 2:38 तक
3 नवंबर गोधूलि मुहूर्त: नवंबर सायं 5:34 से 6:00 तक
3 नवंबर तिलक का विशेष समय: नवंबर दोपहर 1:16 से 3:27 तक (कुल 2.5 घंटे)
भाई दूज का महत्व
भाई दूज को "यम द्वितीया" भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने आए थे। तभी से इस पर्व की परंपरा शुरू हुई। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक करती है, जिससे भाई का सौभाग्य और आयु बढ़ती है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications