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Chanakya Niti: सात फेरे लेने भर से पत्नी का फर्ज नहीं होता पूरा, ऐसे होती है आदर्श स्त्री की पहचान
मानव जीवन में व्यक्ति के सम्बन्ध ही उसके जीवन का व्यवहार तय करते हैं। चाहे वह पिता हो, पुत्र हो, पत्नी हो या मित्र, ये सभी सम्बन्ध जीवन को बना या बिगाड़ सकते हैं।
यदि व्यक्ति इन संबंधों को मधुर बनाकर रखता है, तो उसका जीवन सफ़ल और सरल बन जाता है। महान आचार्य चाणक्य ने भी इन संबंधों के बारे में विस्तार से बात की।
उनकी नीतियां और विचार मनुष्य की सफलता की राह को आसान बनाते हैं। जीवन में सभी बाधाओं का सामना करने के लिए चाणक्य ने कई नीतियां दी हैं। चाणक्य अपने नीतिशास्त्र के दूसरे अध्याय के एक श्लोक में कहते हैं कि संतान, पत्नी, पिता और मित्र मात्र संबंध नहीं हैं।

केवल सात फेरे लेने से स्त्री पत्नी नहीं बन जाती। माँ के गर्भ से जन्म लेने से कोई पुत्र नहीं हो जाता और मित्र कहलाने से कोई मित्र नहीं हो जाता। चाणक्य कहते हैं कि इन रिश्तों की असली पहचान कुछ खास गुणों से होती है। चाणक्य के अनुसार आइए देखें कि वे कौन से गुण हैं जो एक सच्ची पत्नी, मित्र, पिता और पुत्र की पहचान करने में मदद करते हैं -
"ते पुत्रये पितृभक्तः स पिता यस्तु पोषकः
तनमित्रम् यात्रा विश्वासः स झ्वा यात्रा निवृत्ति।"
सच्चे और आदर्श बच्चे

चाणक्य ने कहा है कि बच्चों का कर्तव्य है कि वे अपने पिता की सेवा करें। एक पिता अपना पूरा जीवन अपने बच्चों की परवरिश में लगा देता है। वह हमेशा अपने बच्चों के भविष्य की रक्षा करता है। इसलिए पुत्रों का भी कर्तव्य है कि वे पिता की सेवा करें और हमेशा परिवार की सहायता करें।
चाणक्य के अनुसार जिन घरों में बच्चे आज्ञाकारी होते हैं, वो सुखी रहते हैं। यदि संतान पिता की आज्ञा का पालन नहीं करती है तो घर में हमेशा क्लेश बना रहता है।
आदर्श पिता

चाणक्य के अनुसार पिता का भी कर्तव्य होता है कि वह अपने बच्चों का अच्छे से लालन-पालन करे। जो पिता अपने कर्तव्यों से विमुख हो जाता है उसे अपने पुत्र से बदले में कुछ भी अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि पिता सही मायने में वह व्यक्ति होता है जो अपने बच्चों की उचित देखभाल करता है और उन्हें उचित शिक्षा देता है। अपने बच्चे की अच्छी देखभाल करने वाला शख्स ही पिता कहलाने का हकदार होता है।
एक सच्चा दोस्त

चाणक्य कहते हैं कि सच्चा मित्र वही होता है जिस पर विश्वास किया जा सके। एक सच्चा दोस्त मुश्किल समय में आपका साथ नहीं छोड़ता है। वह हमेशा आपके साथ होता है। चाणक्य यह भी कहते हैं कि मित्र वह होता है जो आप पर विश्वास करता है और आपको गलत दिशा में जाने या राह भटकने पर रोकता है।
आदर्श पत्नी

चाणक्य कहते हैं कि वास्तविक जीवनसाथी वह महिला होती है जो हर स्थिति में अपने पति का साथ देती है। एक सच्ची पत्नी वही है जो मुश्किल समय में सही मार्गदर्शन दे और मुश्किल समय में आपके साथ खड़ी रहे। पैसा और शोहरत कुछ न होने पर भी आदर्श बीवी साथ रहती है।
एक सच्ची पत्नी अपने पति को विपत्ति में कभी भी अकेला नहीं छोड़ती है। एक सच्ची पत्नी वही है जो अपने पति को सकारात्मक रखे और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करे। चाणक्य यह भी कहते हैं कि असली पति वही है जो अपनी पत्नी का लक्ष्मी की तरह सम्मान करता है। एक अच्छा पति हमेशा अपनी पत्नी की गरिमा और स्वाभिमान की रक्षा करता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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