Latest Updates
-
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती -
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व -
पैर में काला धागा बांधना शुभ या अशुभ? जानें शनि-राहु से इसका कनेक्शन और बांधने का सही तरीका -
Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: आज इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, पदोन्नति के साथ होगा जबरदस्त धन लाभ -
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय
Devshayani Ekadashi Mantra:भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें इन चमत्कारी मंत्रों का जाप
आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आषाढ़ माह में पड़ने की वजह से इसे आषाढ़ी, हरिशयनी और पद्मनाभा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
यह दिन हिन्दू धर्म के मानने वाले लोगों के लिए बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण होता है। इसे देवशयनी एकादशी इसलिए कहते हैं क्योंकि इस दिन से भगवान् विष्णु क्षीर सागर में निद्रा अवस्था में चले जाते हैं।
वैसे तो साल की सभी एकादशी तिथियों की अपनी अलग महत्ता है लेकिन इनमें देवशयनी एकादशी तिथि को बहुत ख़ास और सिद्धिदायक गुणों से पूर्ण माना जाता है। इस दिन जातक भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं।

यदि आप भी श्री हरी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। आइये जानते हैं उन शक्तिशाली मंत्रों के बारे में जिनका देवशयनी एकादशी के दिन जाप कर भगवान विष्णु की शीघ्र कृपा पायी जा सकती है।
देवशयनी एकादशी 2023 कब है?
इस बार देवशयनी एकादशी का व्रत 29 जून को रखा जाएगा। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 29 जून की सुबह 3 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और 30 जून को 02 बजकर 42 मिनट पर समापन होगा। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से एकादशी का व्रत 29 जून को रखा जाएगा। व्रत का पारण 30 जून को होगा। पारण का शुभ समय दोपहर 01 बजकर 48 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 36 मिनट तक है.
भगवान विष्णु के मंत्र जाप के लाभ
भगवान विष्णु के सभी मंत्र चमत्कारी हैं। जो जातक सच्चे मन और श्रद्धा के साथ उनके मंत्रों का जाप करता है उसे जीवन में सकारात्मक परिणाम की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप कर आप श्रीहरि के साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं। परिवार में एकजुटता आती है। आर्थिक समस्याओं का निवारण होता है।
देवशयनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये मंत्र

भगवते वासुदेवाय मंत्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
विष्णु मूल मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय॥
श्री विष्णु मंत्र
मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुणध्वजः।
मंगलम पुण्डरी काक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥
विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
भगवान विष्णु का पंचरूप मंत्र
ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।।
विष्णु स्तुति
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: ।
सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: ।
ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम: ॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











