Latest Updates
-
क्या आप भी पीले दांतों से शर्मिंदा हैं? रसोई में रखी ये 5 चीजें साफ कर देंगी सालों से जमी गंदगी -
शनि, राहु और मंगल की चाल बदलेगी बंगाल की सत्ता? आचार्य विनोद कुमार ओझा ने की हैरान करने वाली भविष्यवाणी -
मई के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है Mother's Day? जानें इसके पीछे की भावुक करने वाली कहानी -
Gond Katira: इन 3 लोगों को गलती से भी नहीं लेना चाहिए गौंद कतीरा? वरना अस्पताल जाना तय -
दिल्ली के विवेक विहार में फटा एसी, गई कई लोगों की जान, जानें AC में फटने व आग लगने के कारण -
World Laughter Day 2026 Jokes: टेंशन को कहें टाटा! अपनों को भेजें ये फनी जोक्स, नहीं रुकेगी हंसी -
Aaj Ka Rashifal, 3 May 2026: आज वृश्चिक और कुंभ राशि वालों की लगेगी लॉटरी! जानें अपना भाग्यफल -
Bael Ka Juice: भयंकर गर्मी और लू से बचाएगा बेल का जूस, नोट करें बनाने की विधि और इसे पीने के लाभ -
इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए आम, स्वाद के चक्कर में सेहत हो सकती है खराब -
क्यों मनाते हैं World Laughter Day? जानें इस साल की थीम, इतिहास और हंसने से मिलने वाले 10 लाभ
Durga Ashtami Sanskrit Wishes: दुर्गा अष्टमी के पावन मौके पर अपने प्रियजनों को भेजें ये संस्कृत संदेश
Durga Ashtami 2026 Sanskrit Wishes: चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी का दिन अध्यात्म और शक्ति की पराकाष्ठा का पर्व है। यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप, मां महागौरी को समर्पित है, जो अपने भक्तों को पवित्रता, शांति और अक्षय सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं। 26 मार्च 2026 को मनाई जा रही इस दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन और संधि पूजा का विशेष महत्व है। इस पावन अवसर पर अपनी भक्ति को अभिव्यक्त करने के लिए 'देववाणी' संस्कृत से उत्तम कुछ भी नहीं हो सकता।
संस्कृत के ये श्लोक न केवल मंत्रों की शक्ति रखते हैं, बल्कि हृदय तक मां की करुणा पहुंचाते हैं। आइए, इस महाअष्टमी पर साझा करें मां महागौरी की स्तुति में ये विशेष संस्कृत शुभकामना संदेश और श्लोक।

मां महागौरी स्तुति और मंत्र
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
(अर्थ: श्वेत वृषभ पर सवार और श्वेत वस्त्र धारण करने वाली मां महागौरी मेरा कल्याण करें।)
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
(अर्थ: महादेव को आनंद देने वाली मां महागौरी हमें शुभ फल प्रदान करें।)
ॐ देवी महागौर्यै नमः।
(अर्थ: मां महागौरी को मेरा सादर प्रणाम।)
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
(अर्थ: हे मां, आप सभी मंगलों में मंगल करने वाली और सभी कार्यों को सिद्ध करने वाली हैं।)
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
(अर्थ: हे शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली मां गौरी, आपको नमस्कार है।)
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
(अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं, उन्हें प्रणाम।)
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
(अर्थ: उन्हें बार-बार, बार-बार मेरा नमस्कार है।)
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
(अर्थ: हे मां! मुझे सौभाग्य, आरोग्य और परम सुख प्रदान करें।)
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
(अर्थ: मुझे रूप, विजय और यश दें और मेरे आंतरिक शत्रुओं का नाश करें।)
विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्।
(अर्थ: हे देवी! मेरा कल्याण करें और मुझे परम संपत्ति प्रदान करें।)
दुर्गा अष्टमी शुभकामना संदेश
दुर्गाष्टम्याः पावनपर्वणि सर्वेभ्यः हार्दिक्यः शुभाशयाः।
(अर्थ: दुर्गाष्टमी के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।)
महाष्टम्याः शुभ-अवसरे तव जीवने सुख-शान्तिः भवतु।
(अर्थ: महाअष्टमी के शुभ अवसर पर आपके जीवन में सुख-शांति बनी रहे।)
भगवती महागौरी तव सर्वान् मनोरथान् पूरयतु।
(अर्थ: भगवती महागौरी आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।)
महासप्तमी-महाष्टमी सन्धिपूजायाः शुभाशयाः।
(अर्थ: महासप्तमी और महाअष्टमी की संधि पूजा की शुभकामनाएं।)
शक्तिरूपेण संस्थिता देवी तव रक्षां करोतु।
(अर्थ: शक्ति स्वरूपा देवी हमेशा आपकी रक्षा करें।)
शुभ-लाभ-समृद्धिः तव गृहे सदा अस्तु।
(अर्थ: आपके घर में हमेशा शुभ, लाभ और समृद्धि बनी रहे।)
दुर्गाष्टम्याः कोटि-कोटि शुभाशयाः।
(अर्थ: दुर्गाष्टमी की करोड़ों-करोड़ शुभकामनाएं।)
अष्टम्यां पूजयेद् गौरीं सर्वकामफलप्रदाम्।
(अर्थ: अष्टमी के दिन सभी इच्छाएं पूरी करने वाली गौरी की पूजा करें।)
तव जीवने सर्वदा मां दुर्गायाः आशीर्वादः भवतु।
(अर्थ: आपके जीवन में हमेशा मां दुर्गा का आशीर्वाद बना रहे।)
नमस्तेऽस्तु महामाये महाशक्तिस्वरूपिणी।
(अर्थ: हे महाशक्ति स्वरूपिणी महामाया, आपको अष्टमी पर प्रणाम।)
भक्तिमय श्लोक और 'शायरी' भाव
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः।
(अर्थ: मां दुर्गा का स्मरण मात्र से सभी प्राणियों के भय दूर हो जाते हैं।)
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
(अर्थ: स्वस्थ मन से याद करने पर मां अत्यंत शुभ बुद्धि प्रदान करती हैं।)
दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या।
(अर्थ: दरिद्रता, दुख और भय हरने वाली आपके सिवा और कौन है।)
सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥
(अर्थ: सबका उपकार करने के लिए आपका हृदय हमेशा करुणा से भरा रहता है।)
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महागौर्यै नमः।
(अर्थ: मां महागौरी के बीज मंत्र के साथ महाअष्टमी की शुभकामनाएं।)
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
(अर्थ: देवी को, महादेवी को और कल्याणकारी शिवा को सदा नमस्कार है।)
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
(अर्थ: जयन्ती, मंगला, काली, भद्रकाली और कपालिनी मां की जय हो।)
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
(अर्थ: दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा स्वरूप मां आपको नमन है।)
सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः।
(अर्थ: मां आपको सभी बाधाओं से मुक्त कर धन, धान्य और सुख प्रदान करें।)
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
(अर्थ: मां की कृपा से मनुष्य सभी बाधाओं को पार कर लेता है, इसमें संदेह नहीं है।)
सिद्धिं बुद्धिं च देहि मे महामाये नमस्तुते।
(अर्थ: हे महामाया! मुझे सिद्धि और बुद्धि प्रदान करें, आपको नमस्कार है।)



Click it and Unblock the Notifications