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Navratri Day 6 Wishes in Sanskrit: आज मां कात्यायनी का दिन, अपनों को भेजें भक्तिपूर्ण संदेश व कोट्स
Navratri Day 6 Wishes in Hindi: चैत्र नवरात्रि का छठा दिन आदि शक्ति के छठे स्वरूप, मां कात्यायनी को समर्पित है। स्वर्ण के समान चमकीली आभा वाली मां कात्यायनी शक्ति, साहस और अमोघ फल देने वाली देवी मानी जाती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया था, इसीलिए इन्हें 'कात्यायनी' कहा जाता है। मां कात्यायनी ने ही महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी।
आज के दिन जो भक्त सच्चे मन से मां की आराधना करते हैं, उन्हें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। विशेषकर विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मां कात्यायनी की पूजा अचूक मानी जाती है। इस पावन अवसर पर, अपने मित्रों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को संस्कृत में मां कात्यायनी के ये भक्तिमय मंगल संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस भेजकर नवरात्रि की खुशियां साझा करें। जय माता दी।

संस्कृत शुभकामना संदेश
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥"
(अर्थ: जिनके हाथों में चमकती हुई तलवार है और जो सिंह पर सवार हैं,
वे दानवों का विनाश करने वाली माँ कात्यायनी हमारा कल्याण करें।)
"कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्द गोप सुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥"
(अर्थ: हे महामाया, हे महायोगिनी! माँ कात्यायनी, आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें।)
"या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"
(अर्थ: सभी जीवों में माँ कात्यायनी के रूप में स्थित देवी को मेरा बारम्बार प्रणाम है।)
"कात्यायनी देव्यै नमः। शक्तिः, साहसः,
प्रेम च तव जीवने सदा भवतु।"
(अर्थ: माँ कात्यायनी को नमन। आपके जीवन में शक्ति, साहस और प्रेम सदा बना रहे।)
"सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥"
नवरात्रि षष्ठी संस्कृत शुभकामनाएं (Sanskrit Wishes)
"नवरात्रस्य षष्ठमदिवसस्य हार्दिक्यः शुभाशयाः।"
(अर्थ: नवरात्रि के छठे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।)
"माँ कात्यायनी तव जीवने सुखं, शान्तिं, समृद्धिं च ददातु।"
(अर्थ: माँ कात्यायनी आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।)
"देवी कात्यायनी तव सर्वान् शत्रून् विनाशयतु।"
(अर्थ: देवी कात्यायनी आपके सभी शत्रुओं का विनाश करें।)
"भवतु तव मंगलं देवी कात्यायन्याः आशीर्वादेन।"
(अर्थ: देवी कात्यायनी के आशीर्वाद से आपका मंगल हो।)
"षष्ठी तिथौ देवी कात्यायनी तव गृहे आगच्छतु, सौभाग्यं च ददातु।"
(अर्थ: षष्ठी तिथि पर देवी कात्यायनी आपके घर आएं और सौभाग्य प्रदान करें।)
"शक्तिरूपेण संस्थिता कात्यायनी माता त्वां रक्षतु।"
(अर्थ: शक्ति रूप में स्थित कात्यायनी माता आपकी रक्षा करें।)
"तव परिवारस्य उपरि माँ कात्यायन्याः कृपा सदा भवतु।"
(अर्थ: आपके परिवार पर माँ कात्यायनी की कृपा सदा बनी रहे।)
संस्कृत भक्तिमय पंक्तियाँ (Devotional Lines)
"जयतु जयतु कात्यायनी, महिषासुरमर्दिनी।"
(अर्थ: महिषासुर का वध करने वाली माँ कात्यायनी की जय हो।)
"श्रद्धया भक्त्या च माँ कात्यायनी पूजयामः।"
(अर्थ: हम श्रद्धा और भक्ति के साथ माँ कात्यायनी की पूजा करते हैं।)
"कात्यायन्यै नमो नित्यं, सर्वबाधा विमुक्तये।"
(अर्थ: सभी बाधाओं से मुक्ति के लिए माँ कात्यायनी को नित्य प्रणाम।)
"स्वर्णवर्णाभां देवीं कात्यायनीं ध्यायामि।"
(अर्थ: स्वर्ण के समान आभा वाली देवी कात्यायनी का मैं ध्यान करता/करती हूँ।)
"देवी कात्यायनी तव मनोकामनाः पूर्णाः करोतु।"
(अर्थ: देवी कात्यायनी आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करें।)
"शुभं करोति कल्याणम्, कात्यायनी माता।"
(अर्थ: माँ कात्यायनी शुभ और कल्याण करने वाली हैं।)
"नवरात्रेयं तव जीवने नूतनप्रकाशं आनयतु।"
(अर्थ: यह नवरात्रि आपके जीवन में नया प्रकाश लेकर आए।)
"ॐ देवी कात्यायनी महाभागे, रक्षां कुरु सर्वदा।"
(अर्थ: हे महाभागा देवी कात्यायनी, सदा हमारी रक्षा करें।)
माँ कात्यायनी भक्ति संस्कृत सूक्तियाँ (Sanskrit Shayari)
शक्तये नमः, साहसाय नमः।
कात्यायनी माता, तव चरणे नमः॥
अर्थ: शक्ति को नमन, साहस को नमन। हे माँ कात्यायनी,
आपके चरणों में कोटि-कोटि नमन।
स्वर्णवर्णाभां देवीं, भक्तहृदयवासिनीम्।
कात्यायनीं वन्दे, मोक्षफलप्रदायिनीम्॥
अर्थ: स्वर्ण जैसी आभा वाली और भक्तों के हृदय में वास करने वाली,
मोक्ष देने वाली माँ कात्यायनी की मैं वंदना करता हूँ।
या देवी सर्वबाधां हरति, सा कात्यायनी जयति।
भक्तानां दुःखं नाशयति, सा माता सर्वदा पाति॥
अर्थ: जो देवी सभी बाधाओं को हरती हैं, उन माँ कात्यायनी की जय हो।
जो भक्तों के दुख मिटाती हैं, वे माता सदा हमारी रक्षा करती हैं।
महिषासुरमर्दिनी त्वं, दुर्गतिनाशिनी शुभे।
कात्यायनी महाभागे, सुखं देहि सर्वदा॥
अर्थ: हे महिषासुर का वध करने वाली और दुर्गतियों का नाश करने
वाली शुभदायिनी माँ कात्यायनी, हमें सदा सुख प्रदान करें।
नमो देव्यै महादेव्यै, कात्यायन्यै नमो नमः।
तव कृपाकटाक्षेण, जीवनं धन्यं भवतु॥
अर्थ: देवी महादेवी कात्यायनी को बार-बार प्रणाम। आपकी कृपा दृष्टि से हमारा जीवन धन्य हो जाए।
हृदये तव ध्यानं, मुखे तव नाम।
कात्यायनी माता, तव शरणं मम धाम॥
अर्थ: हृदय में आपका ध्यान हो और मुख पर आपका नाम।
हे माँ कात्यायनी, आपकी शरण ही मेरा असली धाम (घर) है।
भीतिं हरतु सा देवी, शक्तिं ददातु सर्वदा।
कात्यायनी कृपावृष्ट्या, मंगलं भवतु सर्वतः॥
अर्थ: वह देवी हमारे भय को हर लें और सदा शक्ति दें।
माँ कात्यायनी की कृपा वर्षा से सब ओर मंगल ही मंगल हो।
सिंहारूढा महातेजा, शत्रुनाशकरी शिवा।
कात्यायनी माता मे, रक्षतु सर्वतः सदा॥
अर्थ: सिंह पर सवार, महान तेज वाली और शत्रुओं का नाश करने
वाली कल्याणकारी माँ कात्यायनी, सब ओर से मेरी रक्षा करें।
भक्तिः तव चरणे अस्तु, श्रद्धा सदा मयि भवतु।
कात्यायनी देव्यै नित्यं, मम वन्दनं अस्तु॥
अर्थ: आपके चरणों में मेरी भक्ति हो और मुझमें सदा श्रद्धा बनी रहे।
माँ कात्यायनी को मेरा नित्य वंदन है।
ज्ञानं देहि सुखं देहि, कात्यायनी नमोऽस्तु ते।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये, त्वां वन्दे जगदम्बिके॥
अर्थ: हे माँ कात्यायनी, मुझे ज्ञान और सुख दें, आपको नमस्कार है।
हे जगदम्बा, आप सभी मंगलों में मंगलकारी हैं, मैं आपकी वंदना करता हूँ।



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