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Eid Ka Chand 2026 Live Kab Dikhega: सऊदी अरब में कब दिखेगा ईद का चांद? जानें भारत में कब मनाई जाएगी मीठी ईद
Eid Ka Chand 2026 Live Kab Dikhega: 19 फरवरी 2026 से रमजान के पाक महीने की शुरुआत हुई थी और अल्लाह के बंदों ने इबादत के लिए रोजे रखने शुरू किए। हर दिन सहरी से रोजे की शुरुआत होती है और इफ्तारी के साथ रोजा खोला जाता है। रमजान के पाक महीने की इबादतों और सब्र के बाद, अब दुनिया भर के मुसलमानों को बेसब्री से 'ईद-उल-फितर' यानी मीठी ईद के चांद का इंतजार है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना खत्म होने और शव्वाल (Shawwal) महीने की शुरुआत चांद देखने के बाद होती है। ईद का चांद सबसे पहले सऊदी अरब में दिखाई देता है और अगले दिन ईद मनाई जाती है।
फिर भारत में ईद का चांद नजर आता है और देशभर में ईद का जश्न मनाया जाता है। ऐसे में शव्वाल के महीने की शुरुआत होते ही हर किसी का सवाल यही होता कि सऊदी अरब और अपने देश में कब दिखेगा ईद का चांद? सऊदी अरब में चांद देखने की आधिकारिक अपील जारी हो चुकी है, जिसका सीधा असर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईद की तारीखों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं सऊदी अरब और भारत में चांद दिखने की सटीक संभावना और ईद की तारीख।

सऊदी अरब में कब दिखेगा चांद? (Moon Sighting in Saudi Arabia)
सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नागरिकों से 18 मार्च 2026 (29वां रमजान) की शाम को शव्वाल का चांद देखने की अपील की है। अगर 18 मार्च को चांद दिखा तो सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में 19 मार्च 2026, गुरुवार को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी आंखों या दूरबीन से चांद देखता है, तो वह नजदीकी अदालत में जाकर अपनी गवाही दर्ज करा सकता है।
भारत में कब मनाई जाएगी मीठी ईद? (Eid in India 2026)
भारत में आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद चांद नजर आता है। यदि सऊदी में 18 मार्च को चांद दिखता है, तो भारत में 19 मार्च की शाम को चांद नजर आने की पूरी संभावना है। इस स्थिति में भारत में 20 मार्च 2026, शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी। जुमे के दिन ईद का होना बेहद खास और बरकत वाला माना जाता है।
29 रोजे होंगे या 30?
इस्लामिक महीना चांद की चाल पर निर्भर करता है, जो या तो 29 दिन का होता है या 30 दिन का। अगर 18 मार्च को चांद नहीं दिखता है, तो सऊदी अरब में 30 रोजे पूरे होंगे और वहां ईद 20 मार्च को होगी। ऐसी स्थिति में भारत में ईद 21 मार्च 2026 को होने की संभावना बनेगी। हालांकि, फिलहाल 18 मार्च के अपडेट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
क्यों होता है समय का अंतर?
बहुत से लोगों का सवाल होता है कि सऊदी अरब और भारत व उसके आप-पास के देशों में ईद का चांद दिखने में और ईद मनाए जाने में अंतर क्यों होता है। बता दें कि सऊदी अरब और भारत के बीच समय और भौगोलिक स्थिति का अंतर होने के कारण चांद दिखने के समय में बदलाव होता है। यही वजह है कि खाड़ी देशों और उपमहाद्वीप (भारत-पाक) की ईद की तारीखों में अक्सर 24 घंटे का अंतर रहता है।
शव्वाल का चांद (Hilal) देखने की दुआ क्या है?
चांद देखने पर यह दुआ पढ़ी जाती है: "अल्लाहुम्मा अहिल्लहू अलैना बिल-अम्नि वल-ईमान, वस-सलामति वल-इस्लाम, रब्बी व रब्बुकल्लाह" (ऐ अल्लाह! इस चांद को हमारे लिए अमन, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ निकाल। मेरा और तेरा रब अल्लाह है।
इसका कारण भौगोलिक स्थिति और समय का अंतर (Time Zone) है। चांद पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता है, इसलिए खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई) में यह पहले नजर आता है, जबकि भारत और उपमहाद्वीप में यह कुछ घंटों बाद या अगले दिन दिखाई देता है।



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