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Ganesh jI Family Tree : गणेश जी के परिवार में कौन-कौन हैं? जानें कितनी पत्नियां और बच्चे हैं?
Ganesh jI Family Tree : विघ्नहर्ता कहे जाने वाले गणेश जी को हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय माना गया है। किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले गणपति बप्पा की आराधना की जाती है। साथ ही, उनके पूरे परिवार को भी पूजनीय माना गया है। कहते हैं कि गणेश जी के परिवार का नाम लेने मात्र से जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं।
अधिकतर लोगों को केवल इतना ही पता है कि गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं, लेकिन उनके पूरे परिवार के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

गणपति जी का परिवार
पिता - भगवान शिव
गणेश जी के पिता भगवान शिव हैं, जिन्हें सृष्टि का प्राण माना जाता है। कहा जाता है कि यदि शिव न होते तो सृष्टि मृत समान होती। इस कारण भगवान शिव को 'कालों का काल' यानी महाकाल कहा गया है। उनकी पूजा समस्त सुख देने वाली मानी गई है और वे संहार और निर्माण दोनों के प्रतीक हैं।
माता - देवी पार्वती
गणेश जी की माता देवी पार्वती हैं, जिन्हें शक्ति का प्रतीक माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती हिमालय के राजा की पुत्री हैं। शक्ति का महत्व इतनी अधिक है कि बिना शक्ति के शरीर और जीवन दोनों निष्प्रभावी माने जाते हैं। भगवान शिव ने अर्धनारीश्वर स्वरूप में शक्ति का महत्व स्वयं दर्शाया है।
भाई - भगवान कार्तिकेय
गणेश जी के भाई भगवान कार्तिकेय हैं, जिन्हें देवताओं का सेनापति और साहस का अवतार माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने कम आयु में ही तारकासुर राक्षस का वध किया। शिवपुराण में उन्हें ब्रह्मचारी बताया गया है, जबकि ब्रह्मवैवर्त पुराण में उनकी पत्नी का नाम देवसेना उल्लेखित है।
बहन - अशोकसुंदरी
धर्म शास्त्रों के अनुसार, अशोकसुंदरी गणेश जी की बहन हैं। उनका विवाह राजा नहुष से हुआ था। वे भी दिव्य परिवार का हिस्सा मानी जाती हैं।
पत्नियां - रिद्धि और सिद्धि
गणेश जी की दो पत्नियाँ हैं - रिद्धि और सिद्धि। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इनकी उपासना करता है, उसे अपने कार्य में सिद्धि और बुद्धि प्राप्त होती है। गणेश जी के बाएं भाग में सिद्धि देवी और दाएं भाग में रिद्धि देवी विराजमान हैं।
ससुर - प्रजापति विश्वरूप
शिवपुराण के अनुसार, रिद्धि और सिद्धि प्रजापति विश्वरूप की पुत्रियाँ हैं। कुछ मान्यताओं में गणेश जी की पत्नियों को सिद्धि और बुद्धि भी कहा गया है।
पुत्र - शुभ और लाभ
गणेश जी के दो पुत्र माने गए हैं - शुभ और लाभ। कुछ स्थानों पर इन्हें क्षेम और लाभ भी कहा गया है। गणेश जी को अपनी पत्नी रिद्धि से पुत्र शुभ प्राप्त हुआ और सिद्धि से पुत्र लाभ। ये दोनों पुत्र जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक हैं।
पुत्री - संतोषी माता
धर्म शास्त्रों के अनुसार, संतोषी माता गणेश जी की पुत्री हैं। माता संतोषी का जन्म गणेश जी और उनकी पत्नी रिद्धि से हुआ। वे संतोष, धैर्य और शांति का प्रतीक हैं।
बहुएँ और पोते - तुष्टि, पुष्टि, आमोद और प्रमोद
कई धर्म शास्त्रों में तुष्टि और पुष्टि को गणेश जी की बहुएं बताया गया है। वहीं, आमोद और प्रमोद शुभ और लाभ के पुत्र यानी गणेश जी के पोते माने जाते हैं। ये सभी उनके दिव्य परिवार का हिस्सा हैं और जीवन में सुख, संतोष और प्रसन्नता लाने का प्रतीक हैं।



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