Latest Updates
-
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी
Guruvar Vrat Katha: गुरुवार व्रत की विशेष कथा, जिसे सुनने-पढ़ने से दूर होगें पितृ दोष, ग्रह दोष
Guruvar Vrat Katha In Hindi: हिन्दू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना गया है। इस दिन व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पितृ दोष व गुरु ग्रह के दोषों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु वार के व्रत की कथा पढ़ता-सुनता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके जीवन में धन, ज्ञान, सौभाग्य और सफलता का वास होता है।
खासकर जिन लोगों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है, उनके लिए यह व्रत अत्यंत शुभ फल देता है। चलिए, जानते हैं वीरवार व्रत की पवित्र कथा, पूजा विधि और इसका महत्व।
गुरु वार व्रत कथा (Guruvar Vrat Katha in Hindi)
एक समय की बात है, एक नगर में एक साहूकार रहता था। उसका परिवार बहुत सुखी था, धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं थी। उसकी पत्नी बहुत धार्मिक और भगवान विष्णु की परम भक्त थी। प्रत्येक गुरुवार को वह नहाकर, पीले वस्त्र पहनकर, घर को साफ-सुथरा कर भगवान विष्णु की पूजा करती और व्रत रखती थी। साहूकार के घर में एक नौकरानी भी रहती थी। वह साहूकार की पत्नी को हर गुरुवार व्रत करते और पूजा करते देखती थी और मन ही मन सोचती- पूजा-पाठ कर लेने से क्या मिलता है? मुझे भी धन चाहिए, पर पूजा करने से क्या होगा?

एक दिन साहूकार व्यापार के लिए बाहर गया। उसकी पत्नी ने गुरुवार व्रत किया और पूजा के बाद हवन की तैयारी करने लगी। तभी नौकरानी ने हवन के लिए रखी हुई पूजा की सामग्री चुपके से उठा ली और अस्त-व्यस्त कर दी, जिससे पूजा अधूरी रह गई।
इससे भगवान विष्णु क्रोधित हो गए। धीरे-धीरे साहूकार का व्यापार नुकसान में आने लगा। घर में धन की कमी होने लगी। परिवार बड़ी कठिनाई में पड़ गया। साहूकार की पत्नी को समझ आ गया कि घर में कुछ अशुभ हुआ है। उसने भगवान से प्रार्थना की और पूरे नियम के साथ अगले गुरुवार व्रत शुरू किए।
दूसरी ओर, वह नौकरानी जिसने पूजा में बाधा डाली थी, उसके जीवन में परेशानियां बढ़ने लगीं। जहां जाती, वहां झगड़े, दुख और अभाव का सामना करना पड़ता। एक दिन उसने एक संत से अपनी सारी पीड़ा बताई। संत ने कहा- तुमने गुरुवार की पूजा में विघ्न डाला है, इसलिए यह स्थिति आई है। सच्चे मन से गुरुवार व्रत करो और भगवान विष्णु से क्षमा मांगो, सब ठीक हो जाएगा। नौकरानी ने संत के कहे अनुसार व्रत शुरू किया। भगवान विष्णु की कृपा से उसके जीवन में सुख-शांति लौट आई और सारी समस्याएँ समाप्त हो गईं। इसी प्रकार, साहूकार के घर में भी धन-समृद्धि वापस आने लगी और उनका परिवार फिर से खुशहाल हो गया।
Guruvar Vrat Puja Vidhi (वीरवार व्रत पूजा विधि)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
पीले या साफ वस्त्र पहनें।
घर और पूजा स्थान की सफाई करें।
भगवान विष्णु की मूर्ति/चित्र को पीले वस्त्र पर स्थापित करें।
हल्दी, चावल, पीले फूल, बेसन के लड्डू व केले अर्पित करें।
श्रीहरि को चंदन का तिलक लगाएं।
तुलसी दल अर्पित करें (तुलसी बिना विष्णु पूजा अधूरी)।
गुरुवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
विष्णु सहस्रनाम या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
शाम को दीपक जलाकर पुनः आरती करें।
व्रत में पीली चीजें व नेक विचारों का पालन अनिवार्य है।

Guruvar Vrat Significance (गुरुवार व्रत का महत्व)
गुरु ग्रह के दोष शांत होते हैं
पितृ दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
धन-समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक सुख में वृद्धि
ज्ञान, बुद्धि और निर्णय क्षमता में सुधार
व्यापार और नौकरी में सफलता
भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है
परिवार में शांति और सौहार्द बढ़ता है
शास्त्रों के अनुसार गुरुवार का व्रत जीवन में रुके हुए कार्यों को गति देता है और मनोकामनाएं पूर्ण करता है।



Click it and Unblock the Notifications