Latest Updates
-
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह -
International Yoga Day 2026 Wishes: योग करे जो रोज...योग दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं -
Father's Day 2026 Shayari: उंगली पकड़कर चलना सिखाया...फादर्स डे पर पापा को भेजें ये दिल छू लेने वाली शायरियां -
Zero Oil Sprouts Cheela Recipe: वजन घटाने के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी नाश्ता -
50+ Father's Day 2026 Wishes: जिसके सिर पर पिता का हाथ...फादर्स डे पर पापा को भेजें ये दिल छू लेने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 21 June 2026: रविवार को इन 5 राशियों पर होगी धन वर्षा, सूर्य देव बदलेंगे आपका भाग्य -
Fried Onion Special Egg Do Pyaza Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद
Vijaya Ekadashi Wishes In Sanskrit: विजया एकादशी पर संस्कृत के इन श्लोकों और भक्तिमय संदेशों से दें शुभकामनाएं
Vijaya Ekadashi Wishes In Sanskrit: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे हम विजया एकादशी के नाम से जानते हैं, आत्मशक्ति और विजय का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, स्वयं भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए इस पावन व्रत का पालन किया था। इस शुभ दिन पर भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना की जाती है। यदि आप इस पावन पर्व पर अपने मित्रों, परिवार और शुभचिंतकों को भक्तिमय संदेश भेजना चाहते हैं, तो संस्कृत भाषा से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
आज के इस विशेष लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं विजया एकादशी के 100 से अधिक संस्कृत श्लोक, मंत्र, कोट्स और स्टेटस, जो आपके संदेशों में भक्ति और दिव्यता भर देंगे।

विजया एकादशी व्रत का महत्व (Importance in Short)
पद्म पुराण के अनुसार, यह व्रत राजाओं को राज्य और सामान्य मनुष्य को कठिन संघर्षों में विजय दिलाने वाला है। संस्कृत में कहा गया है एकादशी व्रतम् परमं व्रतम्" अर्थात् एकादशी का व्रत सभी व्रतों में उत्तम है। विजया एकादशी के दिन संस्कृत मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
विजया एकादशी पर भेजें ये श्लोक (Sanskrit Shlokas with Meaning)
1. श्लोक: विजयं देहि मे विष्णो, शत्रुनाशं च कुरु मे।
अर्थ: हे भगवान विष्णु, मुझे विजय प्रदान करें और मेरे शत्रुओं (आंतरिक और बाह्य) का नाश करें।
2. श्लोक: शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
अर्थ: शांत आकृति वाले, शेषनाग पर शयन करने वाले, जिनकी नाभि में कमल है, जो देवताओं के भी ईश्वर हैं, उन श्रीहरि को नमन।
3. श्लोक: यन्मङ्गलं विजयमङ्गलमातनोति, तन्मङ्गलं भवतु मे तव सुप्रसादात्।
अर्थ: वह मंगल जो विजय और कल्याण का विस्तार करता है, आपकी कृपा से वह मंगल सदा मेरे साथ रहे।

विजया एकादशी स्पेशल संस्कृत विशेज
विजया एकादशी शुभाशयाः! (विजया एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!)
श्रीहरिः सदा विजयं ददातु। (भगवान श्रीहरि हमेशा आपको विजय प्रदान करें।)
विजया एकादशी पर्वणि भवते कोटिशः मङ्गलकामनाः। (विजया एकादशी के पर्व पर आपके लिए करोड़ों मंगलकामनाएं।)
भगवान विष्णुः तव जीवनं सुखमयं करोतु। (भगवान विष्णु आपका जीवन सुखमय बनाएं।)
विजया एकादशी व्रतेन तव सर्वकार्याणि सिध्यन्तु। (विजया एकादशी व्रत से आपके सभी कार्य सिद्ध हों।)
सर्वे भवन्तु सुखिनः, एकादशी शुभकामनाः! (सभी सुखी रहें, एकादशी की शुभकामनाएं!)
विष्णु कृपा तव उपरि सर्वदा भवतु। (विष्णु की कृपा आप पर सदा बनी रहे।)
जयतु विजयं, जयतु विष्णुः। (विजय की जय हो, विष्णु की जय हो।)
भवतः आयुषः सर्वाणि बाधाः नश्यन्तु। (आपके जीवन की सभी बाधाएं नष्ट हों।)
मङ्गलमयी विजया एकादशी! (मंगलमयी विजया एकादशी!)
विजया एकादशी शुभाशयाः!
(विजया एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!)
विजया एकादशी पर्वणि भवते कोटिशः मङ्गलकामनाः।
(विजया एकादशी के पर्व पर आपके लिए करोड़ों मंगलकामनाएं।)
श्रीहरिः तव जीवने सदा विजयं ददातु।
(भगवान श्रीहरि आपके जीवन में सदा विजय प्रदान करें।)
भक्तिमय संस्कृत श्लोक संदेश (Shlokas with Meaning)
विष्णुं जिष्णुं महाविष्णुं प्रभविष्णुं महेश्वरम्।
विजया एकादशी शुभकाले त्वां नमामि जनार्दनम्॥
(विजयी, सर्वव्यापी, महाविष्णु, शक्तिशाली और महेश्वर स्वरूप भगवान जनार्दन को मैं इस शुभ विजया एकादशी पर नमन करता हूँ।)
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः मङ्गलाय तनो हरिः॥
(भगवान विष्णु मंगल स्वरूप हैं, गरुड़ ध्वज वाले मंगलकारी हैं, कमल नयन वाले मंगल हैं, श्रीहरि हमें मंगल प्रदान करें।)
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।
विजया एकादशी भवतु भवतः विजयप्रदा सर्वदा॥
(शांत आकृति वाले, शेषनाग पर शयन करने वाले देवताओं के ईश्वर विष्णु आपको इस एकादशी पर सदा विजय दिलाएं।)



Click it and Unblock the Notifications