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Akshay Tritiya 2023: अक्षय तृतीया के दिन बनता है अबूझ मुहूर्त, गृह प्रवेश के लिए रहता है अति उत्तम
अक्षय तृतीया के दिन ग्रहों का ऐसा संयोग बनता है जिससे इस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जाए या नए कार्य का शुभारंभ किया जाए तो उसका फल बहुत ज्यादा मिलता है। अक्षय का मतलब ही है जिसका क्षय ना हो। इसलिए इस दिन शुभ कार्य करना बहुत अच्छा रहता है।
नया घर खरीदना या नये घर में गृह प्रवेश करना इस दिन ज्यादा फलदायी माना जाता है। आइये आपको बताते हैं की इस दिन गृह प्रवेश करना कितना अच्छा है।

अक्षय तृतीया 2023
इस बार यानी 2023 की अक्षय तृतीया तो बहुत ही खास है। ग्रहों का संयोग काफी विशेष है। एक तो अक्षय तृतीया अपने आप में विशेष है, उसपर से इस बार अक्षय तृतीया के दिन एक या दो नहीं कुल छह शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस साल 22 अप्रैल शनिवार को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। यह नया सौभाग्य लेकर आएगा और ऐसे में गृह प्रवेश करना काफी शुभकारी होगा।
अक्षय तृतीया के दिन क्यों करें गृह प्रवेश
इस दिन शुभ कार्य करने का फल कभी ख़त्म नहीं होता है। नए घर में प्रवेश करने से लक्ष्मी का प्रवेश होगा और विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा। घर धन धान्य से परिपूर्ण होगा और घर में सुख शांति रहेगी। घर के कोने कोने में प्रकाश होना चाहिए और लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करनी चाहिए। लोग सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं और घर में कलश स्थापित करते हैं। इस दिन घर को अच्छे तरीके से फूलों से सजाएं और प्रकाशित करें। फिर मंत्रोचारण के साथ घर में प्रवेश करें और माता लक्ष्मी और विष्णु को स्मरण करें।
अक्षय तृतीया का मुहूर्त
इस वर्ष अक्षय तृतीया 22 अप्रैल को पड़ेगी। अक्षय तृतीया तिथि का शुभ आरंभ 22 अप्रैल को सुबह 07:50 बजे से होगा और समापन 23 तारीख को सुबह 07:28 बजे होगा। अक्षय तृतीया के दिन यानी 22 अप्रैल को लक्ष्मी-नारायण और कलश पूजन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 07:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए 4:31 घंटे का समय रहेगा। सोना खरीदने के लिए अक्षय तृतीया की तिथि का कोई भी समय उपयुक्त रहेगा क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त है।
क्यों खास है अक्षय तृतीया की तिथि
मान्यता है कि इस दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ था। इसी दिन से महर्षि वेद व्यास ने महाभारत लिखना शुरू कर दिया था। ये एक खास दिन है जब चंद्रमा और सूर्य दोनों अधिकतम चमकते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन मां गंगा का धरती पर पदार्पण हुआ था। कई मायनों में ये दिन बहुत शुभ है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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