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Parvati Kund: माता पार्वती को समर्पित इस कुंड में है अलौकिक शक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लगाई हाजिरी
Parvati Kund, Uttrakhand: जैसे ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के दौरे पर पहुंचें तब सोशल मीडिया पर उनकी यात्रा को लेकर तस्वीरें वायरल होने लगी। दरअसल अपनी इस यात्रा में नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के ज्योलिंकांग में गुंजी गांव के आध्यात्मिक महत्व वाले पार्वती कुंड में दर्शन किये और पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना भी की।

चीनी सीमा से 20 किलोमीटर दूर है पार्वती कुंड
पार्वती कुंड जहां स्थित है वहां से 20 किलोमीटर की दूरी के बाद चीनी बॉर्डर शुरू हो जाता है। ये इलाका काफी संवेदनशील है। सेना की देखरेख में लोग यहां दर्शन, पूजा अर्चना के लिए आते हैं। यहां बीते सालों में ऑनलाइन अनुमति लेने के बाद ही दर्शन का मौका मिल पाता है।
मां पार्वती में है लोगों की आस्था
पार्वती कुंड या पार्वती सरोवर आदि कैलाश के नजदीक है। आदि कैलाश की यात्रा पर जाने वाला हर व्यक्ति सबसे पहले पार्वती कुंड के दर्शन करता है और आगे के सफर के लिए आशीर्वाद प्राप्त करता है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती को प्रसन्न कर भोले बाबा की भी कृपा प्राप्त हो जाती है।यहां मां पार्वती को समर्पित मंदिर भी मौजूद है। लोगों की आस्था है कि इस कुंड में स्नान करने से सभी तरह की त्वचा संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
भविष्य में बनने वाला है बड़ा शिवधाम

देश के प्रधानमंत्री के दौरे के बाद यहां के स्थानीय लोगों को कई बड़ी सौगातें मिलने वाली हैं। इस वीरान गांव गुंजी को आने वाले दो वर्षों में बड़े शिवधाम के रूप में विकसित करने की योजना है। कैलाश व्यू प्वाइंट, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का धारचूला के बाद यह सबसे बड़ा और अहम पड़ाव बनने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि गुंजी गांव व्यास घाटी की उस सुरक्षित जमीन पर बसा है, जहां न भूस्खलन का खतरा है और न ही बाढ़ का। फिलहाल यहां 20 से 25 परिवार ही रहते हैं। पर्यटन के बढ़ने से इन परिवारों को रोजगार के मौके मिल सकेंगे।
गुंजी के दाएं तरफ से नाभीढांग, ओम पर्वत और कैलाश व्यू प्वाइंट का रास्ता जाता है, वहीं बाएं तरफ से आदि कैलाश और जौलीकॉन्ग का। तीर्थयात्रियों और सैलानियों के लिए ये एक परफेक्ट स्पॉट बन सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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