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अच्छी संतान पाने के लिए क्या करना चाहिए, प्रेमानंद महाराज से जानें इसका जवाब
Achhi Santan Pane Ke Liye Kya Kare: प्रेमानंद महाराज को अपने भक्तों से बहुत प्रेम मिलता है और ऐसा हो भी क्यों न, वो उनकी हर प्रश्न का सीधा सरल उत्तर जो दे देते हैं। उनके एकांतिक वार्तालाप सोशल मीडिया पर बहुत लोकप्रिय है।
हाल ही में एक सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज जी से एक दंपति ने सवाल किया कि क्या गर्भधारण के समय माता-पिता को नाम जप करना चाहिए। क्या उससे आने वाली संतान में भगवती होगी। आइये जानते हैं कि अच्छी संतान प्राप्त करने के सवाल पर प्रेमानंद महाराज जी ने क्या जवाब दिया।

Premanand Ji Maharaj Pravachan: Achi Santan Prapti Ke Upay
संस्कारी होगी संतान
प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि माता-पिता के गुण तथा चेष्ठाओं का गर्भावस्था शिशु पर बहुत ही विशेष प्रभाव पड़ता है। गर्भधारण के दौरान माँ को भागवत चर्चा में शामिल करें और भजन कीर्तन तथा भागवत संबंधित कार्यक्रमों को उनकी दिनचर्या में शामिल करें। इससे संतान के व्यक्तित्व में भगवती भाव पैदा होगा। ऐसा करने से वह संस्कारी तथा भगवती विचार वाले होगा।
वो आगे कहते हैं कि बहुत सौभाग्यशाली एवं धन्य है वह माता-पिता जो गर्भावस्था में अपनी संतान को संस्कारी तथा शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रेरित करते हैं।
अभिमन्यु का किया जिक्र
प्रेमानंद महाराज जी ने उदाहरण के तौर पर हिरण्यकश्यप तथा प्रहलाद और अभिमन्यु की एक सुखद कहानी बताई। प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि अर्जुन जब चक्रव्यूह को तोड़ने की रचना को विस्तार पूर्वक बता रहे थे तो उस समय अभिमन्यु ने अपनी माँ के गर्भ में रहते हुए उसे सीखा।
महाराज जी बताते हैं कि उस समय अर्जुन की बातों को सुनने के कारण उनको नींद आने लगी और वे शयन कक्ष में जाकर निद्रा अवस्था में विश्राम करने लगी और आगे की रणनीति नहीं सुन पाई। जिस कारण अभिमन्यु सप्तम द्वारा भेदने का तरीका नहीं सीख पाए।
ब्रह्मचर्य में रहे
महाराज जी कहते हैं कि गर्भधारण के पश्चात् पति-पत्नी को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। माँ और पिता को गर्भधारण के पश्चात् सहवास करने से वंचित रहना चाहिए। महाराज जी बताते हैं कि इससे आने वाले संतान की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर दुष्प्रभाव पड़ता है जिस कारण वह आदत स्वभाव से दुराचारी होने लगता है। ऐसे में शिशु संस्कारहीन जन्म लेता है। महाराज जी सुझाव देते हुए कहते हैं कि जिस दिन पति-पत्नी को गर्भधारण की बात पता चल जाए उस दिन से निश्चित ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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