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Gift Me Bhagwan Ki Murti: तोहफे में भगवान की मूर्ति मिले तो क्या करना चाहिए, प्रेमानंद महाराज से जानें जवाब
Premanand Ji Maharaj Pravachan: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी का प्रवचन सोशल मीडिया में बहुत तेजी से वायरल होता है। प्रेमानंद महाराज जी बहुत ही प्रसिद्ध है। इसके साथ ही महाराज जी का एकांतिक वार्तालाप भी बहुत फेमस है। महाराज जी का प्रवचन देश ही नहीं अपितु विदेश के कोने-कोने में सुना जाता है और दर्शन के लिए श्रद्धालु लाखों की संख्याओं में उनके आश्रम में पहुंचते हैं। सुख और सरल सुखद अनुभव के धनी हैं महराज जी।
प्रेमानंद महाराज जी सत्संग के दौरान अपने भक्तों के सवालों का जवाब भी देते हैं। एक भक्त ने पूछा कि अगर कोई उपहार स्वरूप भगवान की मूर्ति या प्रतिमा दे तो उन्हें लेना चाहिए या नहीं? जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज ने इसका क्या जवाद दिया।

Bhagwan Ki Murti Gift Me Mile To Kya Kare
महाराज जी ने इस सवाल का जवाब मधुरता पूर्वक देते हुए कहा नहीं लेना चाहिए। हम बिल्कुल नहीं लेते हैं। महाराज जी कहते हैं कि सभी के घर में बहुत से सेवा विराजमान है। अब हम और सेवा विराजमान नहीं कर सकते हैं।
प्रेमानंद महाराज जी एक और बात कहते हैं, अगर कोई उपहार में भगवान की फोटो या मूर्ति दे रहा है तो उसके दर्शन कर लें, प्रणाम कर लें और उसको वापस कर दें। महाराज जी के कहने के मुताबिक घर में और भी पचासों मूर्ति विराजमान है। हम इसके बाद और विराजमान नहीं कर सकते क्योंकि एक के साथ हम अनेक भोग नहीं लगा पाएंगे।
Invitation Card Par Bhagwan Ki Photo Lagana
प्रेमानंद महाराज जी के अनुसार भगवान की तस्वीर या मूर्ति भेंट में देने से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एक और खास बात कही कि किसी भी निमंत्रण पत्र में भगवान की फोटो या नाम नहीं रखना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज जी के अनुसार शादी के कार्ड या किसी निमंत्रण पत्र में उत्तम से उत्तम फूल बनाए तथा सुविचार लिखें। इसके साथ ही दूल्हा दुल्हन का चित्र बना लें। क्योंकि समय निकलने के बाद वह कार्ड कूड़ेदान में डाल दिया जाता है। यही हमारे पाप का कारण है इसी कारण हमारा बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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