Ramadan 2026 Niyam: क्या करने से टूट जाता है रोजा और क्या है जायज? रोजेदार जान लें जरूरी नियम

Ramadan 2026 Do's and Don'ts: रमजान का पवित्र महीना अल्लाह की इबादत, आत्म-संयम और धैर्य का प्रतीक है। 17 फरवरी 2026 को चांद के दीदार के साथ ही सऊदी अरब में मुसलमान इस बरकत वाले महीने की तैयारी में जुट गए थे। वहीं भारत और उसके आसपास के देशों में 18 फरवरी को चांद रात के बाद पाक महीने की शुरुआत हो गई है और 19 फरवरी से पहला रोजा शुरू हो गया है।

यह महीना हमें दूसरों के दुख-दर्द को समझने और अल्लाह के करीब जाने का मौका देता है। हालांकि, सही जानकारी के अभाव में कई बार लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे रोजे की रूहानियत प्रभावित होती है। रोजा केवल सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपनी इंद्रियों और बुराइयों पर काबू पाने का एक रूहानी अभ्यास है।

अक्सर रोजेदारों के मन में कई सवाल होते हैं क्या इत्र लगाने से रोजा टूट जाता है? क्या भूलकर खाने पर तौबा करनी होगी? इन सभी संशयों को दूर करने के लिए रोजे के सही नियमों को जानना बेहद जरूरी है। अगर आपने भी रोजे रखे हैं तो जान लें कि क्या करने से रोजा टूट सकता है। आपके लिए 'क्या करें और क्या न करें' (Do's and Don'ts) की एक कंप्लीट चेकलिस्ट तैयार की है, ताकि आपकी इबादत बिना किसी कमी के अल्लाह की बारगाह में कुबूल हो सके।

रमजान में रोजेदार क्या करें (Ramadan Do's: इबादत का सही तरीका)

पांच वक्त की नमाज: रोजा रखकर नमाज छोड़ना रोजे के सवाब को कम कर देता है। नमाज की पाबंदी सबसे जरूरी है।

कुरान की तिलावत: यह महीना कुरान के नजूल (अवतरण) का है, इसलिए रोजाना कुरान पढ़ने की आदत डालें।

सहरी और इफ्तार: सहरी करना सुन्नत है और इफ्तार में देरी न करना बेहतर माना जाता है।

जकात और सदका: रमजान में दान का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। जरूरतमंदों की मदद दिल खोलकर करें।

जुबान पर काबू: हमेशा सच बोलें और हर किसी से नरमी से बात करें।

रमजान में क्या न करें (Ramadan Don'ts: इन गलतियों से बचें)

झूठ और गीबत (चुगली): किसी की पीठ पीछे बुराई करना या झूठ बोलना रोजे की पाकीजगी को खत्म कर देता है।

गुस्सा और लड़ाई: रोजा हमें सब्र सिखाता है, इसलिए किसी भी हाल में आपा न खोएं और न ही अपशब्द कहें।

फिजूलखर्ची: इफ्तार में पकवानों का अंबार लगाने और खाना बर्बाद करने से बचें।

समय की बर्बादी: दिन भर सोकर या सोशल मीडिया पर फालतू वक्त बिताने के बजाय जिक्र-ए-इलाही में समय लगाएं।

किन चीजों से रोजा टूट जाता है? (Things that Break the Fast)

अक्सर इन बातों को लेकर भ्रम रहता है, लेकिन इस्लाम के अनुसार ये काम रोजा तोड़ देते हैं:

जानबूझकर खाना या पीना: अगर आपने जानबूझकर एक कतरा पानी भी पिया, तो रोजा टूट जाएगा।

धूम्रपान (Smoking): सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीने से रोजा फौरन टूट जाता है।

जानबूझकर उलटी (Vomit) करना: अगर आप जानबूझकर ऐसा करते हैं, तो रोजा खत्म हो जाता है।

दवाई लेना: नाक या कान में दवा डालना अगर वह हलक तक पहुंच जाए रोजे को प्रभावित कर सकता है।

रोजे में क्या जायज है? (What is Permissible during Roza)

इन चीजों को करने से आपका रोजा नहीं टूटता:

भूलकर खाना-पीना: अगर आप भूल गए कि आपका रोजा है और कुछ खा लिया, तो याद आते ही रुक जाएं। आपका रोजा बरकरार रहेगा।

मिस्वाक या ब्रश करना: दांतों की सफाई की जा सकती है, बस पेस्ट गले के नीचे नहीं जाना चाहिए।

नहाना या ठंडे पानी का इस्तेमाल: गर्मी से बचने के लिए नहाना पूरी तरह जायज है।

आंखों में सुरमा या इत्र लगाना: खुशबू का इस्तेमाल करने से रोजा नहीं टूटता।

Story first published: Thursday, February 19, 2026, 12:13 [IST]
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