Latest Updates
-
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
Sawan 2024 Rudrabhishek Dates: सावन में रुद्राभिषेक के लिए उत्तम है ये दिन, बेहद शुभ है ये 7 तिथियां
Sawan 2024 Rudrabhishek Dates: इस वर्ष सावन का महीना 22 जुलाई दिन सोमवार से प्रारंभ हो चुका है और इसका समापन 19 अगस्त को होगा। सनातन धर्म में सावन को सबसे पवित्र माह का दर्जा दिया गया है। सावन का पवित्र महीना शिव पूजा के लिए समर्पित है। सावन में भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ उनका रुद्राभिषेक करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक सावन में ऐसी कई तिथियाँ है जिनमें भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बहुत ही शुभ माना जाता है। तो आइए विस्तारपूर्वक जानते हैं उन तिथियों के बारे में-

सावन में रुद्राभिषेक का महत्व
शिवपुराण के अनुसार सावन के समस्त सोमवार पर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा करने से भगवान शिव जातक की सभी मनवांछित इच्छाओं को पूरा करते हैं।
यह है सावन 2024 की शुभ तिथियां
सावन का पूरा माह रुद्राभिषेक के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है लेकिन सावन या श्रावण मास में सभी सोमवार, सावन की शिवरात्रि और नाग पंचमी का दिन रुद्राभिषेक के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
22 जुलाई - प्रथम सोमवार
29 जुलाई - द्वितीय सोमवार
5 अगस्त - तृतीया सोमवार
12 अगस्त - चतुर्थ सोमवार
19 अगस्त - पंचम सोमवार
वहीं सावन की शिवरात्रि 2 अगस्त को है और नाग पंचमी 9 अगस्त को है।
सावन में रुद्राभिषेक के लाभ
जातक इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखें कि भगवान शिव का पंचामृत, घी, शक्कर मिश्रित दूध, शहद और भस्म से ही रुद्राभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से ग्रह बाधाओं और रोग, दोष, कष्ट समेत सारी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और सावन में रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति की संपूर्ण मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है।
किस शिवलिंग पर करें रुद्राभिषेक
मंदिर के शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करना बहुत ही शुभ होता है। इसके अलावा घर में पार्थिव रुद्राभिषेक पर भी अभिषेक कर सकते हैं। इसके साथ ही शिवलिंग के अभाव में अंगूठे को शिवलिंग मानकर उनका भी अभिषेक कर सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications