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नवरात्र के दिनों में ना करें ये 6 काम, वरना माता जी रूठ सकती हैं
चैत्र महीने में मनाई जाने वाली नवरात्रि 28 मार्च से 5 अप्रैल तक मनाई जाएगी। इन नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए कुछ जरूरी नियम और बातों का ख्याल जरूर रखना होता है।
चैत्र महीने में मनाई जाने वाली नवरात्रि 28 मार्च से 5 अप्रैल तक मनाई जाएगी। पश्चिमी भारत में, इसे गुड़ी पड़वा के रूप में भी मनाया जाता है,वर्ष में दो बार नवरात्रों रखने का विधान है। चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नौ दिन अर्थात नवमी तक माता की साधना और सिद्धि प्रारम्भ होती है।
नवरात्र के नौ दिन प्रात:, मध्याह्न और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को प्रसन्न करना चाहिए। नवरात्र पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है।
इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की अराधना की जाती है। इन नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए कुछ जरूरी नियम और बातों का ख्याल जरूर रखना होता है। आइये जानते हैं नवरात्र व्रत में किन बातों का खास ख्याल रखें।

1) मांस न खाएं
कारण: मार्च के आखिर में और अप्रैल के शुरुवात में मौसम में बदलाव आता है। इस दौरान शरीर से विषाक्त पदार्थों को आसानी से निकाला जा सकता है। इसीलिए हम नवरात्र के व्रत रखते हैं जिसमें हम सिर्फ फल खाते हैं। क्योंकि मांस आंतों में लंबे समय तक रहता है जिससे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है।

2) नाखून और बाल न काटें
ऐसा कहा जाता है कि नवरात्र के दौरान अपने नाखूनो और बालों को नहीं काटना चहिये । हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक सिद्धांत नहीं मिला है। इसलिए यह पूरी तरह से अंधविश्वास है।

3) प्याज और लहसुन न खाएं
नवरात्र भौतिक शरीर के लिए नहीं बल्कि आपके मन को नियंत्रण में रखने के लिए होता है। इसमें आप अपने गुस्से और आक्रामकता पर भी नियंत्रण रखना सीखते हैं। इसी वजह से नवरात्र में प्याज और लहसुन खाने से परहेज करना चाहिए। इन्हें तामसिक चीजें माना जाता है। इन्हें न खाकर अपने मन को शांत रखें और पूजा अर्चना करें।

4) नशा न करें
नवरात्र में किसी भी तरह का नशा करना घोर पाप माना जाता है। शराब पीने से हमारी इन्द्रियां सही और गलत का फैसला नहीं कर पाती हैं। और नवरात्र ऐसा समय है जब व्यक्ति देवी की दिन-रात पूजा अर्चना करता है जिससे उसे उसके अच्छे कर्मों का फल मिलें। अगर आप नाश करेंगे तो यह सब कैसे कर पाएंगे।

5) अपनी सुविधा के अनुसार व्रत रखें
नवरात्रों के दौरान लोग अपनी सुविधा के अनुसार व्रत रख सकते हैं। जैसे एक गृहिणी, एक कामकाजी आदमी और एक छात्र अपने तरीके से व्रत रख सकते हैं। कुछ पूरे 8- 9 दिनों तक व्रत रखते हैं, कुछ पहला और आखरी रखते हैं। जबकि शादी शुदा जोड़े सिर्फ एक दिन के लिए साथ में व्रत रखते हैं।

6) कोई यौन सम्बन्ध नहीं
उपवास के दौरान किसी भी तरह के यौन संबंध को लेकर कोई सख्त नियम नहीं हैं। लेकिन व्यावहारिक रूप से उपवास के दौरान शरीर की ऊर्जा का स्तर आमतौर कम हो जाता है। इसलिए यौनसंबंध तो व्यक्ति बना ही नहीं सकता है।



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