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क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली आ चुकी है और लोगों की तैयारियां भी पूरी हो चुकी है। अगर आप इस दिवाली में कुछ करने वाले हो तो अभी करें क्योंकि अब समय नहीं है। हमारे यहां दो दिवाली मनाई जाती है। एक छोटी और एक बड़ी और आज हम बात करें छोटी दिवाली के विषय में। इस पर्व को छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है।
इस वर्ष दिवाली 19 अक्टूबर की है और 18 अक्टूबर 2017 को छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी है। इस दिन भी दिवाली की तरह पूजा-पाठ, दीप जलाएं जाते हैं। लेकिन दोनों दिन पूजा में ये अंतर होता है कि दिवाली पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
लेकिन नरक चतुर्दशी के मौके पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। नरक चतुर्दशी को नरक चौद, रूप चौदस, रूप चतुर्दशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन का भी अपना अलग महतत्व है आइए जानते है कि आखिर किस तरह से मनानी है छोटी दिवाली आइए जानिए ताकि आपसे कोई गलती ना हो जाए......

क्या आप जानते है क्या हैं नरक चतुर्दशी
हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाएं जाते है जिनमें दिवाली इसलिए मुख्य है क्योंकि इसके साथ भी कई सारे त्योहार जुड़े हुए होते है। इसमें नरक चतुर्दशी का अपना अलग स्थान है। नरक चतुर्दशी को मुक्ति पाने वाला पर्व कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। इसीलिए चतुर्दशी का नाम नरक चतुर्दशी के नाम पर पड़ा। इस दिन पूजा करने से नरक निवारण का आशीर्वाद मिलता है। इसीलिए लोग अपने घर में यमराज की पूजा कर अपने परिवार वालों के लिए नरक निवारण की प्रार्थना करते है। इसदिन की खास बात ये होती है कि इस दिन भी पूजा अर्चना की जाती है और गलतियों से बचने के लिए और उनको माफ करने के लिए माफी मांगी जाती है।

छोटी दिवाली के ऐसे करें पूजा
पूजा करने के अलग अलग तरीके होते है। वैसे तो हर त्योहार में पूजा होती पर सबके लिए और हर भगवान को प्रसन्न करने के लिए तरीके बदलने पड़ते है। इस छोटी दिवाली में कहीं आप दिवाली वाली विधि ना अपना लें इस वजह से आपको ये जानना जरूरी है।
नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले उठने का महत्व होता है। इस दिन तेल से नहाया जाता है। नहाने के पश्चात सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इसके बाद भगवान कृष्ण की अराधना की जाती है। पूजा के समय फल-फूल धूप जलाकर अर्चना करें। और शाम को घर की दहलीज पर 5 या 7 दीप जलाएं। इस तरह से छोटी दिवाली में पूजा करें और अपने परिवार के लिए प्रार्थना करें। ऐसा करने से आपके घर में दरिद्रता खत्म हो जाएगी।

छोटी दिवाली यानि नरक चौदस
पूजा करने से पहले उसका मुहूर्त जानना बहुत जरूरी है। इस बार का मुहूर्त इस प्रकार है...
अगर आप पूजा करने के लिए तैयारी कर रहे है तो आपको सुबह 4.47 से 06.27 तक नहां लेना है।
इस बार आपकी पूजा करने का समय कम से कम 1 घंटा 40 मिनट होना चाहिए।




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