देवशयनी एकादशी 2020: भगवान विष्णु करेंगे विश्राम, मांगलिक कार्यों पर लगेगा नवंबर तक विराम

कोरोना वायरस के कारण इस साल कई लोगों की शादियां टली हैं। अब अगले चार महीनों तक हर तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लगने वाली है। दरअसल भगवान विष्णु 1 जुलाई से चार महीनों के लिए विश्राम करने पाताल लोक चले जाएंगे। प्रभु हरि जब तक शयन अवस्था में रहते हैं उस दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाता है। इसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

देवशयनी एकादशी की तिथि

देवशयनी एकादशी की तिथि

साल 2020 में देवशयनी एकादशी 1 जुलाई को है। इस दिन भगवान विष्णु निद्रा अवस्था में चले जाएंगे। देवशयनी एकादशी को आषाढ़ी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और वंदना एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

देवशयनी एकादशी मुहूर्त

देवशयनी एकादशी मुहूर्त

एकादशी तिथि का प्रारंभ- जून 30, 2020 को शाम 07:49 पर

एकादशी तिथि का समापन- 1 जुलाई 2020 को शाम 05:29 बजे

पारण का समय- 2 जुलाई 2020 को सुबह 05:27 से 08:14 तक

देवशयनी एकादशी व्रत का महत्व

देवशयनी एकादशी व्रत का महत्व

ऐसी मान्यता है कि देवशयनी एकादशी का व्रत विधि पूर्वक करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। मनुष्य के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक समस्याएं भी समाप्त होती हैं। इस व्रत में भगवान विष्णु के साथ पीपल के वृक्ष की पूजा करने से व्रती को विशेष लाभ मिलता है।

एकादशी व्रतों का जिक्र वेद और पुराण में भी मिलता है। एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है।

देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यों पर रोक

देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यों पर रोक

भगवान विष्णु जब विश्राम के लिए पाताल लोक पहुंच जाते हैं, उसके बाद से ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस दौरान शादी, विवाह, गृह प्रवेश, नए वाहन या घर की खरीदारी, मुंडन आदि शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इन चार महीनों के दौरान व्यक्ति को भगवान की आराधना में समय बिताना चाहिए।

फिर से कब शुरू होंगे मांगलिक कार्य

फिर से कब शुरू होंगे मांगलिक कार्य

1 जुलाई के बाद चार मास का समय पूर्ण होने पर सूर्य तुला राशि में प्रवेश करता है और उसी दिन विष्णु जी की शयन अवधि समाप्त होती है। इस विशेष दिन को देव उठानी एकादशी कहा जाता है। इस साल 25 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी का मुहूर्त है। इस दिन भगवान विष्णु जी अपनी निद्रा से जागते हैं और एक बार फिर मांगलिक कार्यों का आयोजन शुरू हो जाता है।

Desktop Bottom Promotion