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गणेश चतुर्थी: गणपति स्थापना के बाद घर पर ये 12 चीज़े कभी न करें!
गणपति स्थापना: क्या करें क्या न करें
हिंदू धर्म के प्रतिष्ठित देवताओं में एक प्रमुख भगवान गणेश जी हैं जिन्हें हाथी के सिर, चार भुजाओं तथा एक सूंड के द्वारा दर्शाया जाता है। वैदिक (हिंदू) कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास के चौथे दिन या शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है; इसे भगवान गणेश का जन्मदिन भी कहा जाता है।
भगवान गणेश
ये भगवान शिव तथा पार्वती के बड़े पुत्र हैं जिन्हें सर्वश्रेष्ठ देवता माना जाता है, बाधाओं को दूर करने वाला तथा ज्ञान – कला और विज्ञान, बुद्धि तथा समृद्धि का अवतार माना जाता है।

गणेश चतुर्थी
विश्व भर में गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी 20 अगस्त से 15 सितम्बर के बीच में मनाई जाती है। यह त्योहार 10 दिन चलता है तथा अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है जिसे गणपति विसर्जन के रूप में मनाया जाता है।

समारोह
वेदों के अनुसार इन दस शुभ दिनों में भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों की इच्छा पूर्ण होती है। पूरे विश्व में गणेश चतुर्थी का त्योहार भव्यता और संगीत के साथ मनाया जाता है।

गणेश आगमन
भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार 1 ½ दिन, 3 दिन, 7 दिन या पूरे 10 दिनों के लिए गणेश जी को अपने घर लाते हैं। परन्तु कुछ ऐसे धार्मिक नियम हैं जिनका पालन करना आवश्यक है अन्यथा आपकी खुशी दुःख में बदल सकती है।

प्याज और लहसुन का उपयोग न करें
उन दिनों के दौरान जब घर में गणेश जी की स्थापना (मूर्ति की स्थापना) की हुई होती है तब घर के सदस्यों को खाना बनाने में या औषधि के रूप में लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं करना चाहिए।

पहले गणेश जी को भोग लगायें
कुछ भी खाने से पहले उसे भगवान को अर्पित करें क्योंकि वे घर के मुख्य अतिथि हैं। खाने से लेकर, प्रसाद, पानी आदि पहले भगवान को चढायें।

उन्हें घर पर कभी अकेला न छोड़ें
किसी भी परिस्थिति में भगवान गणेश को घर पर अकेला न छोड़ें। घर का एक न एक सदस्य हमेशा उनके साथ रहे।

जुआ न खेले
जब घर में गणेश जी की स्थापना की गयी हो तब किसी भी प्रकार का जुआ न खेलें; न ही घर में और न ही बाहर। भारत के कुछ भागों में दिवाली के दौरान जुआ खेलना शुभ माना जाता है परन्तु इस त्योहार के दौरान जुआ खेलना अशुभ माना जाता है।

चोरी न करें तथा किसी को धोखा न दें
जिनके घर में गणेश जी स्थापना हुई है वे चोरी न करें या धोखा न दें। गणपति की मूर्ति की उपस्थिति में किसी को धोखा देने या चोरी करने से भगवान से उसकी कड़ी सजा मिलती है।

नकारात्मकता से बचें
किसी भी लड़ाई झगड़े से बचें तथा दिमाग में आने वाले नकारात्मक विचारों को दूर रखें।

यौन गतिविधियों से बचें
जब घर में भगवान गणेश की मूर्ति हो तब यौन गतिविधियों से दूर रहें और इस त्योहार के दौरान ब्रम्हचर्य का पालन करें।

घर में चिल्लाएं या रोये नहीं
गणेश जी मूर्ति की उपस्थिति में किसी के ऊपर चिल्लाएं नहीं और न ही अपशब्द कहें। खराब से खराब स्थिति में भी शांत रहने का प्रयत्न करें; बाकी बातों का ध्यान भगवान रखेंगे।

मांस तथा शराब का सेवन न करें
यदि घर में गणेश जी की स्थापना की गयी है तो घर पर मांसाहार या शराब का सेवन न करें।



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