दियों से दिवाली में अपने घर पर मां लक्ष्‍मी को ऐसे करें आमंत्रित

By: radhika thakur
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मां लक्ष्‍मी को अच्‍छे भाग्‍य और धन की देवी माना जाता है। हिंदू धर्म में मां लक्ष्‍मी का एक विशेष स्‍थान है। कहा जाता है कि मां लक्ष्‍मी की पूजा करने से घर में धन और वैभव आता है। कई पर्वों व अवसरों पर मां लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है जिनमें से एक विशेष त्‍यौहार दीवाली है। दीवाली के दिन मां लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, मोह-माया के पाश में बंधे लोग इसे पैसों से मनाते हैं और श्रृदावान लोग इसे आस्‍था से मनाते हैं। हर कोई इस पर्व के दिन मां लक्ष्‍मी की पूजा करता है। सभी मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करना चाहते हैं और घर में सुख,समृद्धि और शांति की प्रार्थना करते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार मां लक्ष्‍मी की पूजा करें ताकि उनकी कृपादृष्टि आप पर भी बनी रहें।

दिवाली होता है एक पावन दिन

दिवाली होता है एक पावन दिन

दीवाली, लक्ष्‍मी पूजा के लिए बहुत ही पावन दिन होता है और इस दिन पूजा विधि से उन्‍हें घर में वास करने के लिए आंमत्रित किया जाता है। इस लेख में आपको कुछ ऐसी विधियां बताई जाएगी जिनसे आप उन्‍हें अपने घर में आमंत्रित कर सकते हैं। इसके बारे में विस्‍तापूर्वक पढ़े।

पूजा कक्ष या मंदिर में श्रीयंत्र की स्‍थापना करें

पूजा कक्ष या मंदिर में श्रीयंत्र की स्‍थापना करें

श्री यंत्र को अपने पूजा कक्ष में अवश्‍य रखना चाहिए। लगभग हर हिंदू परिवार के पूजा कक्ष में आपको यह मिलेगा ही, लेकिन यदि आपने अभी तक इसे न रखा हो, तो इस दीवाली अवश्‍य रख लें। इस यंत्र की पूजा करने से अच्‍छा भाग्‍य खुलता है, घर धन-धान्‍य से भरपूर हो जाता है।

कमल के बीजों की माला

कमल के बीजों की माला

कमल के फूल को हिंदू धर्म में पूजा के समय विशेष स्‍थान मिला है। भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी का वास कमल के फूल में माना जाता है इस वजह से इसे मां लक्ष्‍मी के हद्य के करीब मानते हैं। इस दीवाली पूजा विधि में कमल के फूलों को अवश्‍य चढ़ाएं। अपने पूजा कक्ष में कमल के बीजों को रखें। मां लक्ष्‍मी के लिए मंत्रों का जाप करते हुए इन्‍हें चढ़ाते रहे।

मोती शंख

मोती शंख

हर किसी के घर में एक सामान्‍य शंख होता है। लेकिन इस बार अपने घर में मोती शंख लाएं। यह शंख आपको समुद्री तटों के आसपास वाले इलाकों में बिकता हुआ मिलेगा। इसके कई नुकीले हिस्‍से होते हैं इस वजह से इसे पंचमुखी शंख भी कहते हैं। इस शंख के घर में होने से व्‍यक्ति काे वित्‍तीय लाभ मिलता है। लेकिन इस शंख को खुला न रखकर एक साफ लाल, पीले या सफेद रंग के कपड़े में लपेट कर रखा जाना चाहिए।

घी के दीये

घी के दीये

इस दीवाली अपने घर घी का एक दीया पूरी रात जलता रहने दें। इससे आपको भविष्‍य भी इस दीये के समान चमकेगा और पूरे घर को रोशन करेगा। इसके अलावा, आप प्रतिदिन मां लक्ष्‍मी के लिए सुबह-शाम घी का दीया जलाकर आरती करें। अगर आपके घर में तुलसी का पौधा लगा हुआ है तो वहां भी एक घी का दीया रखें।

सीप और कौड़ी

सीप और कौड़ी

इनका आध्‍यात्मिक रूप से कोई महत्‍व नहीं होता है लेकिन इन्‍हें पूजा स्‍थल पर रखने से मन को शांति मिलती है और सकारात्‍मक ऊर्जा का घर में वास होता है। इन्‍हें रखने से व्‍यक्ति के मन में आध्‍यात्‍म जाग्रत होता है।

नारियल

नारियल

मां लक्ष्‍मी की पूजा करने के लिए नारियल को अवश्‍य चढ़ाएं। इसे श्रीफल के नाम से जाना जाता है। लगभग हर पूजा में इसे चढ़ाया जाता है, आप चाहें तो एक नारियल को पूजा स्‍थल पर मां लक्ष्‍मी के समक्ष स्‍थापित कर सकते हैं। प्रसाद में भी हरी गरी को चढ़ाया जा सकता है।

मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के लिए क्‍या करें और क्‍या नहीं

मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के लिए क्‍या करें और क्‍या नहीं

आपके द्वारा घर में दिया जाने वाला प्रेम, दया और करूणा से देवी लक्ष्‍मी को आंमत्रित किया जा सकता है।

घर में सफाई बहुत जरूरी है। मां लक्ष्‍मी किसी भी गंदे घर में नहीं रहना चाहती हैं।

जिस घर में सदैव कलह रहती है वहां मां लक्ष्‍मी कभी वास नहीं करना चाहती हैं। इसके लिए आपको घर में प्‍यार भरा माहौल और शांति बनाएं रखना होगी।

कभी भी घर में महिला की बेज्‍जती या उसका अपमान न करें। महिलाओं की जिस घर में इज्‍जत होती है, उनका सम्‍मान होता है, उसी घर में मां लक्ष्‍मी का वास होता है।

प्रात:काल उठें और रात को जल्‍दी सो जाएं।

जब भी भोजन बनाएं, उसे स्‍वयं कभी टेस्‍ट न करें।

नहाने के बाद ही भोजन को बनाएं और भगवान अग्नि और मां लक्ष्‍मी को भोग में इस भोजन को चढ़ाएं।

पावन दिनों को उल्‍लास के साथ मनाएं। शुक्रवार या दीवाली जैसे शुभ दिनों पर मां लक्ष्‍मी की पूजा अवश्‍य करें। इन दिनों मां लक्ष्‍मी की विशेष पूजा करनी चाहिए।

दीवाली पर मां लक्ष्‍मी की पूजा के दौरान क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं

दीवाली पर मां लक्ष्‍मी की पूजा के दौरान क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं

पूजा के दौरान परिवार के सभी लोगों को वहां मौजूद होना आवश्‍यक है। सभी सदस्‍यों की उपस्थिति में आरती होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि परिवार में सभी को देवी ने आशीर्वाद दिया है।

देवी लक्ष्मी को अराजक वातावरण पसंद नहीं है। शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण माहौल बनाएं रखना बहुत जरूरी है।

आरती के साथ ताली बजाएं

आरती के साथ ताली बजाएं

जब अन्‍य आरतियों को गाया जा रहा हो, तो सभी लोगों को आरती के साथ ताली बजाना चाहिए। लेकिन मां लक्ष्‍मी की आरती में कभी भी ताली नहीं बजानी चाहिए। आप इस दौरान सिर्फ घंटी ही बजाएं।

आरती के तुरंत बाद ही विस्‍फोटक सामग्री को न जलाएं। पटाखे आदि को दूर किसी मैदान में जाकर चलाएं।

English summary

How to Invite Goddess Lakshmi into your Home

Mother Lakshmi is considered to be the goddess of good luck and wealth. Mother Lakshmi has a special place in Hinduism. It is said that worshiping Mother Lakshmi brings wealth and splendor in the house.
Story first published: Thursday, October 12, 2017, 12:30 [IST]
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