दीवाली की पूजा करने के लिए आवश्‍यक सामग्रियां

By Lekhaka

हिंदू धर्म में मनाये जाने वाले पर्वों में से सबसे अधिक दीपावली का महत्‍व होता है। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है। दीवाली कुल 5 दिनों तक मनाया जाने वाला पर्व होता है। मुख्‍य पर्व से पहले नरक चौदस, धनतेरस और बाद में गोवर्धन पूजा, भाई दूज मनाया जाता है।

दीवाली के दिन पूजा करने के बाद, लोग आतिशबाज़ी छुड़ाते हैं, दियों को जलाते हैं और मिठाईयों का सेवन करते हैं, मित्रों को भेंट देते हैं, उनके घर जाते हैं। इस वर्ष दीवाली 17 अक्‍टूबर से शुरू है और 19 अक्‍टूबर को मुख्‍य दीवाली है।

20 अक्‍टूबर को गोवर्धन पूजा और 21 अक्‍टूबर को भाई दूज है। दीवाली पर सामान्‍य दिनों की भांति पूजा नहीं होती है इस दिन पूजा की एक विधि होती है और कुछ विशेष सामग्रियों की आवश्‍यकता होती है।

अगर आप इस बार अपने ऊपर दायित्‍व लेते हुए परिवार में पूजा की तैयारी करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में आपको पूजा हेतू आवश्‍यक सामग्रियों के बारे में बताया जा रहा है जोकि निम्‍न प्रकार हैं..

लक्ष्‍मी पूजा के लिए थाली को तैयार करने के लिए आवश्‍यक सामग्रियां

लक्ष्‍मी पूजा के लिए थाली को तैयार करने के लिए आवश्‍यक सामग्रियां

एक लैम्‍प

एक घंटी

अगरब‍त्‍ती

चंदन की लकड़ी या पेस्‍ट

शंख

पूजा की थाली को किस प्रकार सजाएं

पूजा की थाली को किस प्रकार सजाएं

आपको यह ध्‍यान देना होगा कि ये सभी सामान बहुत ही बुनियादी चीजें हैं तो हर घर में आसानी से उपलब्‍ध होती हैं।

आप चाहें तो सिर्फ इन्‍हीं से थाली को सजा सकते हैं या अन्‍य सामग्रियों को भी शामिल कर सकते हैं। इन दिनों बाजार में भी पूजा की सुंदर-सुंदर थालियां उपलब्‍ध होती हैं।

एक गोल आकार की थाली को चुनें।

इस थाली में एक स्‍वास्‍तिक को बनाएं और इसे बनाने के लिए आप चंदन

का पेस्‍ट इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

थाली के बीच में एक लैम्‍प रखें।

अब इसमें अगरबत्‍ती और घंटी भी रखें।

थाली में शंख भी रखें।

थाली के बाकी हिस्‍सों में फूल रखें। इस दिन की पूजा के लिए गुड़हल और बेला के फूलों को रखें। इससे थाली सुंदर भी दिखेंगे।

लक्ष्‍मी पूजा के लिए आवश्‍यक सामग्रियां

लक्ष्‍मी पूजा के लिए आवश्‍यक सामग्रियां

ऊँ लिखा हुआ चांदी का सिक्‍का (आप चाहें तो सोने का सिक्‍का भी रख सकते हैं।

दीए

मिट्टी से बनाई गई चीजें - धूप दानी (अगरबत्‍ती लगाने वाला स्‍टैंड), दीपक (मिट्टी से बना दीपक) और काजोलोटा (काजल बनाने वाला मिट्टी का बर्तन)

मोमबत्‍ती

पूजा थाली

उबला हुआ दूध

रोटी चावल

भगवान गणेश और माता लक्ष्‍मी की मूर्ति

सिल्‍क का कपड़ा

मिठाईयां

अगरबत्‍ती

फूल

कमल का फूल

पानी के साथ कलश

आरती करने के लिए एक थाली

ध्‍यान रखने योग्‍य चीजें

ध्‍यान रखने योग्‍य चीजें

पूजा के दौरान सबसे ज्‍यादा ध्‍यान रखने योग्‍य बात यह है कि आपको पूजा की थाली में सिक्‍का अवश्‍य रखना है।

कई लोग छोटी और बड़ी दीवाली के दिन अलग-अलग सिक्‍के रखते हैं। कई लोग एक सिक्‍के को न रखकर 11,21, 31 या 101 सिक्‍कों को रखते हैं।

एक बड़ी थाल लें और इसमें सभी दियों को रखें। इनमें से एक बड़े दिये को देसी घी से भरें और बाकी अन्‍य को सरसों के तेल में भरें।

आप दूसरी बड़ी थाली में मोमबत्तियों को रख लें ताकि बाद में आपको उन्‍हें ढूंढने में दिक्‍कत न हो।

पूजा की थाल में टीका लगाने के लिए रोली, हल्‍दी, चंदन और चावल भी रखें। जिस स्‍थान पर भगवान की मूर्ति को रखें, वहां सिल्‍क का कपड़ा बिछाएं और फिर भगवान को स्‍थापित करें।

ध्‍यान दें हर वर्ष आपको नई मूर्ति लाना होता है।

पूजा करने का एक विशेष मुर्हुत होता है जोकि आप पंचाग आदि में देख सकते हैं। अमूमन शाम के दौरान पूजा की जाती है।

पूजा के भगवान को प्रसाद के तौर पर खीलें, बताशे, गट्टा और मिठाईयां चढ़ाई जाती हैं। इस प्रकार आप इन सभी सामग्रियों का इंतजाम पूजा से पहले कर लें।

Story first published: Wednesday, October 11, 2017, 11:30 [IST]
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