काकुआ का जैन पाठ

flute
काकुआ पहला जापानी था,जो चाइना में जैन की शिक्षा ग्रहण करने गया था। चाइना में उसने सच्‍ची शिक्षा को स्‍वीकारा और कहीं भी घूमने नहीं जाता था। वह पहाड़ के एक भाग पर रहता था और लगातार ध्‍यान लगाता था। जब कभी उसका सामना लोगो से शिक्षा के लिए होता, वह कुछ शब्‍द बोलता और पहाड़ के किसी दूसरे हिस्‍से में चला जाता था ताकि उसे पुन: पकड़ा न जा सकें।

काकुआ के जापान लौटने पर राजा के द्वारा उसके विषयों और नसीहत भरे उपदेश के बारे में पूछा गया। काकुआ, राजा के शांत होने से पहले खड़ा हो गया। उसने अपने लबादे के मोड़ से एक बांसुरी निकाली, छोटा सा स्‍वर निकाला,नम्रता से झुका और गायब हो गया। इसके बाद किसी को भी नहीं पता कि आखिर वह कहां गायब हो गया था।

सच्‍चा ज्ञान मनुष्‍य को किसी और ही दुनिया का हिस्‍सा बना देती है

Story first published: Wednesday, August 29, 2012, 8:08 [IST]
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