नवरात्रि 2019: पूजा के लिए उगाई जाने वाली जौ भी देती है शुभ अशुभ संकेत

नवरात्रि के दौरान भक्त नौ दिनों तक माता के अलग अलग रूपों की आराधना करते हैं। नवरात्रि की शुरुआत में लोग उपवास रखते हैं और घट स्थापना के वक्त मिट्टी के बर्तन में जौ बोते हैं। माता के पर्व में जौ बोना काफी अच्छा माना जाता है। इतना ही नहीं जौ आपको भविष्य से जुड़े शुभ और अशुभ संकेत भी देते हैं।

इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 6 अप्रैल से हो चुकी है। कई भक्तों ने जौ भी बोए होंगे। इस लेख के माध्यम से जानें जौ से जुड़े संकेत।

अगर ना उगे जौ

अगर ना उगे जौ

माना जाता है कि नवरात्रि पर बोए जाने वाले जौ से व्यक्ति के आने वाले कल के बारे में संकेत मिलते हैं। सामान्यतः जौ अंकुरित होने के लिए दो से तीन दिन का समय लेता है लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो ये भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इसका अर्थ है कि आपको अच्छे फल पाने के लिए और अधिक परिश्रम करने की जरूरत है।

नीचे से पीला और ऊपर का रंग हरा

नीचे से पीला और ऊपर का रंग हरा

अगर आपके द्वारा उगाए जौ का रंग ऊपर से तो हरा है लेकिन नीचे का हिस्सा आधा पीला है तो इसका अर्थ है कि आने वाले साल का आधा समय आपके लिए अच्छा रहेगा।

नीचे से हरा और ऊपर पीला

नीचे से हरा और ऊपर पीला

वहीं इसके विपरीत उगने वाला जौ ऊपर से आधा पीले रंग का है और नीचे का हिस्सा हरा है तो इसका मतलब है आपके साल की शुरुआत अच्छी रहेगी। इसके साथ ये भी संकेत मिलता है कि बाद में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

सफ़ेद या हरा रंग

सफ़ेद या हरा रंग

घट स्थापना के दौरान बोए गए जौ का रंग पूरी तरह से सफ़ेद या हरे रंग का होता है तो ये बहुत ही शुभ माना जाता है। अगर जौ इस रंग में उगी है तो इसका अर्थ है कि आपकी पूजा कामयाब रही और मां ने आपकी प्रार्थना सुन ली है। आपका आने वाला पूरा साल अच्छा रहेगा।

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