शनिदेव के इन वाहनों से भी मिलता है शुभ अशुभ फल

हिंदू धर्म में सभी देवी देवताओं के अलग अलग वाहन हैं और हर वाहन का अपना एक अलग ही महत्त्व होता है। जिस प्रकार देवी दुर्गा सिंह की सवारी करती हैं जो उनकी शक्ति को दर्शाता है, ठीक उसी प्रकार अन्य देवी देवताओं के वाहनों का भी कोई ना कोई अर्थ होता है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि ग्रहों में सबसे क्रूर माने जाने वाले शनिदेव के एक नहीं बल्कि नौ वाहन हैं।

9 Vahan Of Lord Shani And Its Importance

ज्यादातर लोग केवल कौवे को ही इनका वाहन मानते हैं पर कौवे के अलावा भी शनिदेव अन्य पशु पक्षियों की सवारी करते हैं। कहा जाता है कि शनिदेव अलग अलग वाहन पर सवार होकर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। इन वाहनों का उस राशि और उस राशि से जुड़े जातकों पर गहरा प्रभाव पड़ता है यानी इससे भी व्यक्ति को शुभ अशुभ फल की प्राप्ति होती है।

शनि चालीसा में इनकी सवारियों का वर्णन किया गया है जो इस प्रकार है- हाथी, गधा, घोड़ा, सियार, सिंह, हंस और मोर लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये भैंसे और कौवे की भी सवारी करते हैं। शनिदेव आपकी राशि में किस वाहन पर बैठकर प्रवेश करेंगे यह आपकी कुंडली में नक्षत्र, वार तथा तिथि की गणना के बाद पता लगाया जा सकता है लेकिन इनमें से कौन सा वाहन आपके लिए शुभ है और अशुभ, यह हम आपको अपने इस लेख के द्वारा बताएंगे। तो आइए जानते हैं शनिदेव की कौन सी सवारी आपको अच्छा फल देती है और कौन सी सवारी बुरा।

1. घोड़ा

1. घोड़ा

अगर शनिदेव घोड़े पर सवार होकर आपकी राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका आपको शुभ फल मिलेगा। आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

2. हाथी

2. हाथी

हाथी का अर्थ अशुभ फल की प्राप्ति आपके बनते हुए कार्य बिगाड़ सकते हैं या फिर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

3. सिंह

3. सिंह

अगर शनिदेव आपकी राशि में सिंह पर सवार होकर आते हैं तो इसका अर्थ है कि आपको सफलता मिलेगी। खासतौर पर आपके विरोधी आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएंगे।

4. कौवा

4. कौवा

शनिदेव के इस वाहन को अशुभ माना जाता है। कहते हैं इससे घर में हमेशा कलह क्लेश की स्थिति उत्पन्न होती है। इस दौरान जातक को किसी भी तरह के वाद विवाद से दूर रहना चाहिए। साथ ही शांत दिमाग और धैर्य से काम लेना चाहिए।

5. गधा

5. गधा

गधे को भी अशुभ फल देने वाला माना जाता है। कहते हैं व्यक्ति को काफी प्रयासों के बाद भी आशा के विपरीत फल मिलता है।

6. भैंसा

6. भैंसा

अगर शनिदेव की सवारी भैंसा है तो आपको मिश्रित फल मिलेगा। यदि आप सोच समझकर और होशियारी से अपने काम करेंगे तो आपको निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। वहीं दूसरी ओर अगर आप संयम खोते हैं तो आपको कई सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

7. हंस

7. हंस

शनिदेव के सभी वाहनों में हंस को सबसे शुभ माना गया है। जातक को भाग्य का पूरा सहयोग मिलता है। साथ ही वह अपनी बुद्धिमानी और परिश्रम से सफलता प्राप्त करता है।

8. मोर

8. मोर

मोर भी शुभ फल देने वाला वाहन माना जाता है। इस समय जातक को आशा के अनुसार ही फल मिलता है। साथ ही बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान आसानी से हो जाता है।

9. सियार

9. सियार

सियार को बहुत ही अशुभ माना जाता है। कहते हैं अगर शनिदेव सियार पर सवार होकर आते हैं तो बुरी खबरें ज्यादा मिलती हैं। इसके अलावा घर में अशांति का वातावरण रहता है। कई प्रयासों के बावजूद जातक असफल रहता है।

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