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श्री कृष्ण को समर्पित फुलैरा दूज है फाल्गुन माह का सबसे पावन दिन
फुलैरा दूज, हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि को मनायी जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से ये मार्च-अप्रैल के महीने में आता है।

इस साल ये पर्व 8 मार्च (शुक्रवार) को मनाया जायेगा। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। इस उत्सव को फूलों का त्योहार भी कहा जाता है।

2019 में फुलैरा दूज मनाने का शुभ समय
8 मार्च को फुलैरा दूज के दिन सूर्योदय 6 बजकर 46 मिनट पर होगा और सूर्यास्त का समय 6 बजकर 29 मिनट है। द्वितीय तिथि का शुभारंभ 7 मार्च की रात 11.44 मिनट पर हो जाएगा जो 9 मार्च की सुबह 1.34 मिनट तक रहेगा।

ये पर्व देता है होली उत्सव की शुरुआत का संकेत
फुलैरा दूज का त्योहार बसंत पंचमी और होली के बीच में पड़ता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण और दूसरे गांव वाले इस दिन से होली की तैयारियां शुरू कर देते थे। ये त्योहार होली के समान ही है, बस इसमें एक यही अंतर है कि कृष्ण भक्त मंदिरों में रंगों के बजाय फूलों से होली खेलते हैं।

कृष्ण मंदिर और उनकी मूर्ति की होती है खास सजावट
ये पर्व खासतौर से उत्तर भारत में मनाया जाता है। श्री कृष्ण के मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है। यहां तक की कृष्ण भगवान की मूर्तियों को सजाने के लिए भी फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्हें सफ़ेद रंग की पोशाक पहनायी जाती है और कोने में होली के रंग के साथ वाले कपड़े का टुकड़ा उनके वस्त्र के साथ बांध दिया जाता है। उनकी मूर्ति पर होली का रंग लगाया जाता है। बहरहाल, शाम को श्यन भोग के दौरान उन पर लगे रंग को हटा दिया जाता है।

प्रसाद के रूप में बनते हैं स्वादिष्ट पकवान
इस दिन मीठे और नमकीन में कई पकवान तैयार किये जाते हैं। सबसे पहले इनका भोग भगवान श्री कृष्ण को लगाया जाता है और फिर भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इस दिन भक्त पूरे दिन मंदिर में प्रार्थना करते हैं और कृष्ण जी के गीत गाते हैं। शाम को संध्या आरती और कुछ दूसरे धार्मिक काम पूरे किए जाते हैं।

फुलैरा दूज है एक पावन दिन
फुलैरा दूज को होली की तैयारी से जोड़ कर देखा जाता है, वहीं दूसरे धार्मिक कामों के लिहाज से भी इसे बहुत शुभ दिन माना जाता है। बाकि किसी भी दिन कोई खास काम करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है लेकिन फुलैरा दूज के दिन पूरा ही दिन शुभ रहता है। ये दिन किसी नए काम की शुरुआत के लिए भी बहुत लाभकारी है।



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