Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना
जान लें फुलेरा दूज की सही तारीख व मुहूर्त, श्रीकृष्ण और राधा की होती है विशेष पूजा
हर साल फुलेरा दूज का पर्व फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे फाल्गुन महीने के सबसे शुभ दिन में से एक माना जाता है। इस दिन के साथ ही होली पर्व की तैयारियां प्रारंभ हो जाती है। साथ ही फुलेरा दूज की तिथि के दिन अबूझ मुहूर्त होने की वजह से ये दिन मांगलिक कार्यों के लिए भी उत्तम दिन माना जाता है। इस साल फुलेरा दूज का पर्व 15 मार्च 2021, सोमवार के दिन मनाया जाएगा। जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।

फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त:
फाल्गुन द्वितीया आरंभ- 14 मार्च 2021 को शाम 05 बजकर 06 मिनट से
फाल्गुन द्वितीया समाप्त- 15 मार्च 2021 को शाम 06 बजकर 49 मिनट पर

कैसे मनाई जाती है फुलेरा दूज
फुलेरा दूज के मौके पर भगवान कृष्ण के मंदिरों की विशेष सजावट की जाती है। कान्हा और राधा रानी की मूर्तियों को भी विशेष ढंग से सजाया जाता है। कृष्ण जी की मूर्ति की कमर में रंगीन कपड़ा बांधा जाता है जो ये दर्शाता है कि कन्हैया होली खेलने के लिए तैयार हैं। इस दिन भक्त भगवान के साथ फूलों से होली खेलते हैं।

ब्रज और वृंदावन में दिखती है धूम
ब्रज और वृंदावन में फुलेरा दूज के लिए विशेष इंतजाम किये जाते हैं। पूरे देशभर में यहां की फुलेरा दूज मशहूर है। इस दिन ब्रज और वृंदावन के मंदिरों की सजावट देखने लायक होती है। मंदिरों में भगवान कृष्ण के भजन गाये जाते हैं। फूलों के साथ साथ गुलाल का रंग भी हर तरफ फैला होता है। होली के आगमन के तौर पर यह पर्व मनाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
