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Ravi Pushya Nakshatra 2021: 11 जुलाई को बन रहा है साल का पहला और आखिरी रवि पुष्य योग
ज्यादातर लोग किसी अच्छे कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त देखते हैं। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का बहुत महत्व है। ऐसी आस्था है कि इस घड़ी में किया गया हर कार्य सफल होता है। 11 जुलाई को ऐसा ही विशेष योग बनने जा रहा है। इस दिन रवि-पुष्य का संयोग बनने वाला है।

ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ बताया गया है। 11 जुलाई को सर्वार्थसिद्धि योग भी है। इस शुभ संयोग पर जमीन, घर, वाहन, दूकान, आभूषण आदि की खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। जानते हैं 11 जुलाई को बनने वाले साल के पहले और आखिरी रवि पुष्य योग के बारे में और इसका महत्व।

साल 2021 का पहला रवि पुष्य योग
11 जुलाई का दिन कई मायनों में ख़ास है। इस दिन साल का एकमात्र रवि पुष्य योग बनने जा रहा है। गौरतलब है कि 7 जुलाई को बुध ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश कर चुका है। इस गोचर के बाद रवि पुष्य योग का निर्माण होना एक अच्छा संकेत है। यह नक्षत्र जब गुरुवार और इतवार के दिन बनता है तो यह महायोग होता है।

साल 2021 में रवि पुष्य योग का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 11 जुलाई रविवार को पुष्य नक्षत्र सूर्योदय के साथ ही आरंभ हो जाएगा और यह रात में लगभग 02 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस महायोग की अवधि लगभग 9 घंटे तक की रहेगी।

रवि पुष्य योग में ये कार्य करने से आएगी खुशहाली
ऐसी मान्यता है कि रवि पुष्य योग में किये गए कार्यों से घर में खुशहाली आती है। यह दिन बहुत ही शुभ और फलदायी माना गया है। इस अवधि में कुछ चीजों की खरीदारी से घर की सुख समृद्धि में इजाफा होता है। इस शुभ संयोग में वाहन, भूमि, आभूषण, भवन, फर्नीचर अथवा इलेक्ट्रॉनिक आइटम की खरीदारी कर सकते हैं।

पुष्य नक्षत्र में न करें ये कार्य
पुष्य नक्षत्र में विवाह करना शुभ नहीं माना जाता है और ऐसा माता पार्वती के श्राप के कारण है। इस नक्षत्र में विवाह करना अशुभ बताया गया है।



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