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नंगे पैर काले कपड़ों में एयरपोर्ट पर दिखने वाले रामचरण ने ली है अयप्पा दीक्षा, जानें इसके सख्त नियम
यूं तो रामचरण की फ़िल्में और उनकी अदाकारी फैंस के बीच चर्चा का विषय बनती है। लेकिन हाल ही में, उन्हें एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, जहां वो बिना चप्पल के नजर आये। 'RRR' के 'राम' अपनी सादगी से कई बार लोगों का दिल जीत चुके हैं।

मगर हैदराबाद एयरपोर्ट पर उनके लुक ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। दरअसल रामचरण, ऑस्कर 2023 में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। सबके मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर रामचरण काले कपड़े और पैरों में बिना चप्पल पहनें एयरपोर्ट क्यों पहुंचे।
उनके इस लुक के पीछे की वजह है अयप्पा की दीक्षा। रामचरण अयप्पा की दीक्षा लेते हैं। इस लेख के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं कि अयप्पा दीक्षा क्या है, इसका क्या महत्व है और क्या नियम है।

जानें कौन है अयप्पा स्वामी
पौराणिक मतों के अनुसार भगवान विष्णु का मोहिनी रूप बहुत ही सुंदर था और उसे देखकर भगवान शिव का वीर्यपात हो गया था। सहस्त्रों में भोलेनाथ के वीर्य को पारद कहा गया है। पारद से ही सस्तव नाम के शिव पुत्र का जन्म हुआ था और यही सबरीमाला के अयप्पा स्वामी कहलाते हैं। भगवान शिव व विष्णु से उत्पन होने की वजह से इन्हें हरिहरपुत्र भी कहा जाता है।

अयप्पा दीक्षा से जुड़े नियम
जो व्यक्ति सबरीमाला में भगवान अयप्पा के दर्शन की इच्छा रखता है, वह पहले 41 दिनों तक कठिन तपस्या करता है। इसे ‘मंडलम' कहा जाता है। इस दौरान व्यक्ति को रिश्तों के मोह को छोड़कर ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। जातक नीले अथवा काले रंग के कपड़े पहनता है। गले में तुलसी की माला रखनी होती है। दिनभर में सिर्फ एक बार ही साधारण खाना खाते हैं। रोजाना शाम को पूजा करनी होती है। जमीन पर ही सोना होता है। भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया जाता है। स्वामी शरणम के साथ ही भक्त खुद को स्वामी अयप्पा के चरणों में सौंप देते हैं।

अयप्पा दीक्षा का महत्व
माना जाता है कि अयप्पा स्वामी को तुलसी की माला और रुद्राक्ष की माला बहुत प्रिय है। दीक्षा के समय जो इसे धारण करता है स्वामी उसकी मनोकामना जल्द पूरा करते हैं। भगवान अयप्पा की सच्चे मन से पूजा करने पर मानसिक घबराहट दूर होती है। जीवन में चल रही कलह से मुक्ति मिलती है। 41 दिनों की दीक्षा से व्यक्ति भौतिक चीजों के मोह से दूर होता है और उसका रुझान धर्म-कर्म के कार्यों में बढ़ता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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