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सावन माह में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से खुल जाएगा सोया भाग्य, देखें ऑनलाइन आरती
सावन मास शुरू हो चुका है लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण देश में स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में शिवभक्त महाकाल के दरबार में जाकर जयकारा नहीं लगा पा रहे हैं। श्रावण मास लगने के बाद से शिव के हर भक्त की ये इच्छा होती है कि वो एक बार महादेव के दर्शन के लिए उज्जैन जरुर जाए। कोरोना गाइडलाइन्स को लेकर कई मंदिरों में भक्तों का जाना प्रतिबंधित है। लोगों की इस कशमकश को देखते हुए महाकाल प्रबंधन ने इसके लिए रास्ता ढूंढ निकाला है। अब आप घर बैठे और कोविड नियमों का पालन करते हुए महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं।

सावन माह का महत्व
श्रावण मास में शिव भक्त भोले बाबा की आराधना करते हैं और इस महीने के सोमवार को उपवास रखते हैं। सावन का महीना भगवान शिव का बेहद प्रिय माना जाता है। माना जाता है कि इस माह भोले बाबा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। इस दौरान देश के सभी शिव मंदिरों में विशेष आयोजन किये जाते हैं। देश में 12 मुख्य ज्योतिर्लिंग हैं और इन सबमें महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का ख़ास महत्व है।

चैत्र से आश्विन तक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में पूजा का समय
भस्मार्ती प्रात: 4 बजे
प्रात: आरती 7 से 7-30 तक
महाभोग प्रात: 10 से 10-30 तक
संध्या आरती 5 से 5-30 तक
आरती श्री महाकालेश्वर प्रात: 7 से 7-30 तक
शयन आरती रात्रि 11:00 बजे

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग आरती
सावन के पवित्र माह में घर बैठे ही महाकाल के दर्शन हो जाए तो इससे अच्छी बात और कोई हो ही नहीं सकती है। महादेव की एक झलक पाने को लालायित रहने वाले भक्तों के लिए ऑनलाइन दर्शन का यह विकल्प काफी कारगर साबित हो रहा है। आप mahakaleshwar.nic.in पर जाकर बाबा महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। भोले बाबा की पांच तरह की आरती की जाती है जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण है भस्म आरती। उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रतिदिन भस्म आरती की जाती है। बाबा का श्रृंगार भी भस्म से ही किया जाती है।

ऑनलाइन बुकिंग जरूर करें
यदि आप भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं तो ऑनलाइन बुकिंग जरुर कर लें। आप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की वेबसाइट पर जाकर इससे जुड़ी हर जानकारी अंग्रेजी अथवा हिंदी में प्राप्त कर सकते हैं। आप महाकाल के दर्शन कर उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें।



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