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Seven Chakras Of The Body: सृष्टि की समस्त शक्तियों के केंद्र हैं शरीर के सात चक्र, जानें इसका रहस्य
आप ने ये कई बार सुना होगा कि आपके अंदर की शक्ति ही सबसे परम शक्ति है, जिसके बल पर आप कुछ भी कर सकते हैं। जिसने इस शक्ति का ज्ञान प्राप्त कर लिया वो अजय हो जाता है। आप ने ऋषि-मुनियों के बारें में सुना होगा कि उनको अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त हो जाता है, मोह माया से ऊपर उठ चुके होते हैं ऐसे लोग। तो ये सच है। सृष्टी ने हर मनुष्य के अंदर इतनी ताकत दे रखी है कि वो कुछ भी कर सकता है, बशर्ते उसको अपनी शक्ति का ज्ञान हो। आपके शरीर में सात चक्र होते हैं, जिनका अपना रहस्य है, जिसने इस रहस्य को जान लिया वो शक्तिमान हो जाता है। ये चक्र आपके शरीर के भीतर सात तलों में मौजूद है। जिसकी एक चाभी है, जिसको वो चाभी मिल जाती है, उसे आत्म ज्ञान हो जाता है। क्योंकि इन सात चक्रों को ही सृष्टि की समस्त शक्तियों का केंद्र कहा जाता है।

Seven Chakras :क्या है ये सात चक्र-
आपके शरीर में ये चक्र मूल रूप से सात हैं-
1. मूलाधार- ये शरीर के गुदा और जननेन्द्रियों के बीच स्थित होता है
2. स्वाधिष्ठान- ये चक्र जननेंद्रिय के ठीक ऊपर होता है।
3. मणिपूरक- ये चक्र शरीर की नाभि के नीचे होता है।
4. अनाहत- ये चक्र हृदय के पास पसलियों के मिलान के ठीक नीचे स्थित है।
5. विशुद्धि- कंठ के गड्ढे में होता है।
6. आज्ञा - ये चक्र दोनों भवों के बीच होता है।
7. सहस्रार- इसे ब्रम्हरंद्र्र भी कहते हैं। सिर के सबसे ऊपरी जगह पर होता है।
आपकी समस्त ऊर्जा का मूलाधार ये चक्र होते हैं। इस ऊर्जा को सांसों और ध्यान से नियत्रंण किया जा सकता है। जैसे-जैसे आप अपनी ऊर्जा को एक-एक चक्र से ऊपर करते जाते हैं, आपके व्यक्तित्व में परिवर्तन खुद आपको महसूस होने लग जाते हैं।

Seven Chakras : 1.मूलाधार चक्र - शक्ति का केंद्र
मूलाधार चक्र व्यक्ति के अस्तित्व और उसकी मौलकिता से संबंधित है। अस्तित्व पर जब खतरा मंडराता है तो इसी पर मरने या मारने का दायित्व होता है। मूलाधार चक्र का प्रतीक लाल रंग और चार पंखुडिय़ों वाला कमल का फूल है। जो काम-वासना, लालसा से लिपटा हुआ है। आध्यात्मिक रूप से इसे कंट्रोल करने से शारीरिक वासना पर भी नियंत्रण होने लग जाता है।
2. स्वाधिष्ठान चक्र
दूसरा चक्र है स्वाधिष्ठान जो आपकी ऊर्जा स्वादिष्ट खाने में सक्रिय करता है। आप भौतिक सुखों का भरपूर मजा लेने लेते है, इस ऊर्जा के कारण आप जीवन में हर चीज का मजा लेते हैं।

Seven Chakras : 3. मणिपूरक चक्र
आपकी ऊर्जा अगर मणिपूरक में सक्रिय होती है तो आप कर्मयोगी हैं। आप दुनिया में हर तरह का काम कर सकते हैं, हर तरह के काम करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
4.अनाहत चक्र
शरीर की ऊर्जा अनाहत चक्र में अगर सक्रिय होती है तो आप एक सृजनशील व कार्यों से पीछे ना हटने वाले व्यक्ति होंगे।

Seven Chakras : 5.विशुद्धि चक्र
आपकी शरीर की ऊर्जा यदि विशुद्धि चक्र में सक्रिय होती है तो आप बहुत शक्तिशाली होंगे।
6.आज्ञा चक्र
अगर आपके शरीर की ऊर्जा आज्ञा चक्र में सक्रिय होती है तो आप आज्ञा तक आ चुके हैं। मतलब ये है कि आपने अपने बौद्धिक स्तर पर सिद्धि पा ली है।
Seven Chakras : 7.सहस्रार चक्र
जब इंसान के शरीर की ऊर्जा सहस्रार चक्र तक आ जाती है तब उसने अपनी ऊर्जा का चरम शिखर को छू लिया है। यानि कि उसको मुक्ति मोक्ष का मार्ग पा लिया है।
जब कोई आध्यात्मिक इंसान अपने सारे चक्रों का पार कर लेता है तो उसे परम आनंद की प्राप्ति हो जाती है।
Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है।



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