जीवन को किस प्रकार बेहतर बनाती है धार्मिक यात्रा

By Super

आजकल के दौर में हमारा शेड्यूल बहुत टाइट हो गया है पढ़ाई, जॉब, फोन पर बातें, ट्रैफिक, मैक्‍डी में खाना.... छोटे-मोटे हैंगआउट, यह बहुत कम समय तक ही मजेदार रहता है, एक समय के बाद यह डिप्रेशिंग और बेकार लगने लगता है। अगर आप अपने मन को तरोताजा और अवसादरहित रखना चाहते है तो शायद हमारे इस आर्टिकल में आपको कुछ खास मिल जाएं।

1. नौकरी के चक्‍कर में जिन्‍दगी की खूबसूरती भूल जाते है:

1. नौकरी के चक्‍कर में जिन्‍दगी की खूबसूरती भूल जाते है:

जब आप नौकरी करने लगते है तो इतने बिजी हो जाते है कि सुबह के उगते सूरज से लेकर हल्‍की मन्‍द हवा और भीनी खुशबु तक की फीलिंग भूल जाते है। ईश्‍वर की बनाई हुई हर सुंदर चीज को आप भूलने लगते है। लेकिन अगर आप किसी धार्मिक यात्रा पर जाते है तो आपको प्रकृति के सुंदर नजारे देखने को मिलते है।

 2. जिन्‍दगी में बासीपन आने पर:

2. जिन्‍दगी में बासीपन आने पर:

कई बार जिन्‍दगी बोझ लगने लगती है या उसमें कुछ भी नयापन नहीं रह जाता है। ऐसे में धार्मिक यात्रा मन को ताजगी से भर देती है और जिन्‍दगी को बोझिल होने से बचाती है।

3. दूसरों के साथ सम्‍बंध अच्‍छे बनाएं रखने के लिए प्रेरित करती है

3. दूसरों के साथ सम्‍बंध अच्‍छे बनाएं रखने के लिए प्रेरित करती है

आध्‍यात्मिक या धार्मिक यात्रा करने से हमें दूसरों के साथ अच्‍छे सम्‍बंध बनाने की प्रेरणा मिलती है। आपको परिवार और दोस्‍तों का महत्‍व भी समझ में आता है और मानवता का भाव भी जागृत होता है।

4. आपका आत्‍ममिलन करवाती है:

4. आपका आत्‍ममिलन करवाती है:

कई बार हम अपनी ही सोच से भटक जाते हैं और वैसे बन जाते है जो दूसरे हमें बना देते है। आध्‍यात्मिक यात्रा या धार्मिक यात्रा के बाद आप भटकते नहीं है। आप स्‍वयं को पहचान लेते है।

 5. यात्रा आपकी शिक्षा का नया पक्ष प्रदान करती है:

5. यात्रा आपकी शिक्षा का नया पक्ष प्रदान करती है:

कोई भी यात्रा आपकी शिक्षा और आपके द्वारा ग्रहण की गई बातों को एक नया रूप प्रदान करती है, आपकी समझ को बढ़ाती है। आप जब पढ़ते है तो हर जगह मैजिकल प्‍लेस लगती है लेकिन वास्‍तविकता थोड़ी हटकर होती है, ऐसे में आपकी सूझबूझ आदि का परिचय ऐसी यात्राओं में देखने को मिलता है।

6. आपकी जरूरतों को नए सिरे से बदल देती है:

6. आपकी जरूरतों को नए सिरे से बदल देती है:

ये नहीं वो चाहिए, वो नहीं ऐसा करना चाहिए, ऐसी हजारों बातें आपके दिमाग में हमेशा टिक-टिक करती रहती हैं। लेकिन एक यात्रा के बाद आपको विजन क्‍लीयर हो जाता है आपकी जरूरतें नए सिरे से बदल जाती हैं।

7. आपको अपना लक्ष्‍य स्‍पष्‍ट नज़र आता है

7. आपको अपना लक्ष्‍य स्‍पष्‍ट नज़र आता है

आध्‍यात्मिक यात्रा के बाद आपका लक्ष्‍य क्‍लीयर हो जाता है। आप अपने जीवन के लक्ष्‍य को समझने लगते है और उसी ओर कार्यरत हो जाते है।

8. अपने जीवन की मानसिक स्‍पष्‍टता साफ नजर आती है:

8. अपने जीवन की मानसिक स्‍पष्‍टता साफ नजर आती है:

कई बार जीवन में हम मानसिक रूप से बहुत परेशान होते है। आध्‍यात्मिक यात्रा एक कटर की तरह काम करती है जो आपकी मुश्किलों को दूर करके मानसिक स्‍पष्‍टता लाती है। आपकी लाइफ में एक फ्लो आ जाता है।

9. सकारात्‍मकता बढ़ती है:

9. सकारात्‍मकता बढ़ती है:

बहनी नदी, झरने, मंदिर, विदेशी लोगों से मिलना-जुलना, बाहर स्‍नान आदि से आपके अंदर एक गजब की ऊर्जा का संचार होता है और आपकी सकारात्‍मकता का स्‍तर बढ़ जाता है।

 10. आपका शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍तम हो जाता है:

10. आपका शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍तम हो जाता है:

धार्मिक यात्रा करने से या आध्‍यात्मिक यात्रा करने से आपका शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍तम हो जाता है। यह आपके शरीर के फेफड़ों से लेकर दिन तक के लिए अचछी साबित हो सकती है।

Story first published: Wednesday, October 29, 2014, 11:02 [IST]
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