Latest Updates
-
Sunday Morning to Night Nihari Recipe: धीमी आंच पर पकाएं और पाएं रेस्टोरेंट जैसा लजीज स्वाद -
Kainchi Dham जाने का है प्लान तो रुकने की टेंशन करें खत्म, जानिए कहां मिलेंगे सबसे सस्ते और बेस्ट होटल्स -
Happy Brother's Day 2026 Shayari: प्यारा भाई यह मेरा, ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये शायरियां -
Restaurant Style Papdi Chaat Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी चटपटी और कुरकुरी चाट -
B Letter Babies Names: अपने बच्चे के लिए ढूंढ रहे हैं 'B' से यूनिक और ट्रेंडी नाम? देखें 200+ नामों की लिस्ट -
अनोखा गांव जहां हर घर की पार्किंग में खड़ा है प्राइवेट जेट, सब्जी लेने के लिए भी लोग भरते हैं उड़ान -
Bakrid 2026 Holiday Date: 27 मई या 28 मई, कब है बकरीद की सरकारी छुट्टी? यहां जानें सही तारीख -
UP Style Tangy Kadhi Chawal Recipe: घर पर बनाएं यूपी के स्वाद वाली चटपटी कढ़ी -
गर्मियों में क्यों फूटने लगती है नकसीर? नाक से खून आने पर तुरंत करें ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी राहत -
पेट्रोल के दामों में उछाल और प्रचंड गर्मी का कहर! क्या सच साबित हो रही बाबा वेंगा की सदियों पुरानी भविष्यवाणी
14 जून को निकलेगा स्ट्रॉबेरी मून, जानिए गुलाबी चांद की क्या है खासियत
साल भर में कम से कम 12 पूर्णिमा होती है यानी हर महीने में एक पूर्णिमा आती है। इस दिन चांद की खूबसूरती देखने लायक होती है। चंद्रमा अपनी पूरी गोलाई में होता है जिसके कारण इसे फुल मून भी कहते हैं। इन्हीं में से एक है स्ट्रॉबेरी मून। जी हां वसंत ऋतु के पहले और गर्मी की शुरुआत में निकलने वाले पहले चांद को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। स्ट्रॉबेरी मून सामान्य से बड़ा और सुनहरे रंग का होता है।
आइए आपको बताते हैं इस बार कब दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में।

साल 2022 में स्ट्रॉबेरी मून
वैसे तो जून के महीने में कई खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेगी और इनमें से ही एक है स्ट्रॉबेरी मून जो
इस वर्ष आप 14 जून देख पाएंगे। इस दिन शाम को सूरज ढलने के बाद दक्षिण पूर्व की ओर से स्ट्रॉबेरी मून
निकलेगा जो दिखने में बड़ा और बेहद चमकीला होगा। विशेषज्ञों के अनुसार 14 जून की शाम को 5 बजकर 22 मिनट पर चांद अपने चरम पर होगा।

कैसे पड़ा नाम स्ट्रॉबेरी मून
कहा जाता है कि उत्तरी अमेरिका के एल्गोनक्विन आदिवासियों ने इस पूर्णिमा को निकलने वाले चांद का नाम स्ट्रॉबेरी मून रखा था। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय वहां स्ट्रॉबेरी फल की कटाई की जाती है।

जब धरती के करीब होगा चांद
वैज्ञानिकों का कहना है कि स्ट्रॉबेरी मून बड़ा इसलिए दिखाई देता है क्योंकि इस दिन यह पृथ्वी के बेहद करीब आ जाता है। दुनिया के अलग अलग हिस्सों में स्ट्रॉबेरी मून को अलग अलग नामों से जाना जाता है। कहीं इसे हॉट मून कहते हैं तो कहीं मीड मून। यूरोप में इसे रोज़ मून कहते हैं क्योंकि वहां इसे गुलाब की कटाई का प्रतीक माना जाता है। भूमध्य रेखा के उत्तर में इस दिन से गर्मी की शुरुआत होती है जिसकी वजह से इसे हॉट मून कहा जाता है।
जून के महीने में कई शादियां होती हैं, इसलिए स्ट्रॉबेरी मून का एक नाम हनीमून भी है।

भारत में हैं वट पूर्णिमा
जैसा हमने आपको बताया कि दुनिया के कई हिस्सों में स्ट्रॉबेरी मून का अलग नाम और महत्व है। अगर हम भारत की बात करें तो इस दिन की पूर्णिमा को वट पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा होती है। यह पूजा साल में दो बार की जाती है। कुछ जगहों पर पहली बार यह पूजा ज्येष्ठ मास की अमावस्या को होती है, तो कहीं पर ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को भी वट सावित्री की पूजा और व्रत किया जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। महाराष्ट, गुजरात और दक्षिण भारत में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को वट सावित्री की पूजा होती है।



Click it and Unblock the Notifications