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घर पर विराजे हैं गणपति तो भूल कर भी ना करें ये काम

गणेश चतुर्थी का त्योहार दस दिनों तक मनाया जाता है। कुछ लोग पूरे दस दिनों तक गणपति बप्पा को अपने घर रखते हैं तो वहीं कुछ लोग उन्हें तीन, पांच, सात या फिर नौ दिनों के लिए रखते हैं। इस पर्व के दौरान भगवान गणेश अतिथि बनकर हमारे घर आते हैं और ऐसे में घर के अंदर कुछ नियमों को मानना ज़रूरी हो जाता है। कुछ ऐसे काम है जो गणेश चतुर्थी पर गजानन के घर पर मौजूद रहने पर नहीं किया जाना चाहिए। जानें इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना होता है बेहद ज़रूरी।

सबसे पहले भोग
इन दस दिनों के दौरान भगवान गणेश मेहमान की तरह हमारे घर पधारते हैं। इस वजह से उन्हें भोग लगाए बिना कोई भी चीज़ नहीं खानी चाहिए। हिंदू धर्म के अनुसार भी भोजन का पहला निवाला भगवान के नाम से निकाला जाता है। इसलिए हर खाने का पहला हिस्सा भगवान गणेश को भोग लगाना चाहिए। इसमें दूध से लेकर पानी तक शामिल है। वहीं कुछ लोग मानते हैं की सिर्फ पहले भोजन का भोग चढ़ाना ही काफी होता है।

तामसिक क्रियाएं
ऐसे काम जो किसी व्यक्ति को उपेक्षित और आलसी बनाती है वो तामसिक काम माने जाते हैं। ऐसे काम नकारात्मक शक्तियों से जुड़े माने जाते हैं और हिंदू धर्म में उनसे दूर रहने की हिदायत दी जाती है। धार्मिक कार्यक्रम और धार्मिक जगह पर ऐसे काम तो बिल्कुल भी नहीं किये जाने चाहिए। इसके अंतर्गत शारीरिक संबंध बनाना, जुआ खेलना, चोरी करना जैसे काम आते हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान इस सब कामों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। जब तक गणपति घर में स्थापित हैं तब तक व्यक्ति को ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए। इससे घर का वातावरण भी शुद्ध बना रहता है।

प्याज़ और लहसुन का उपयोग
धार्मिक किताबों में तीन तरह के भोजन का उल्लेख मिलता है जो शरीर से निकलने वाली तीन तरह की ऊर्जाओं पर आधारित है। जिस भोजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हो वो राक्षसों से जुड़े हुए माने जाते हैं। प्याज़ और लहसुन उसी नकारात्मक ऊर्जा से संबंधित माने जाते हैं। इन दस दिनों तक खाना पकाने में इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और ना ही कच्चा उपयोग करना चाहिए। दरअसल इनका इस्तेमाल किसी भी धार्मिक कार्यक्रम या त्योहार के समय नहीं करना चाहिए।

शराब और मांसाहार का सेवन
शराब से दूर रहना चाहिए। भगवान गणेश को ये बिल्कुल भी पसंद नहीं कि इन पवित्र दिनों के दौरान कोई शराब पिए। गणेश पूजा के इन दस दिनों की अवधि में शराब से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ठीक इसी तरह व्यक्ति को मांसाहारी भोजन से भी दूर रहना चाहिए। इस तरह का खानपान भी नकारात्मकता को आकर्षित करता है।

घर अकेला ना छोड़े
जैसा हमने पहले भी बताया की शिवजी और माता पार्वती के पुत्र गणेश घर में अतिथि की तरह आते हैं इसलिए उन्हें अकेला छोड़ कर घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। जो इस पर्व को मना रहे हैं उन्हें गणपति को अकेला छोड़ कर नहीं निकलना चाहिए। इस त्योहार के दौरान किसी ना किसी को उनके साथ ज़रूर रहना चाहिए।



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