Latest Updates
-
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है वरलक्ष्मी का व्रत, इस व्रत से जुड़ी हर एक जानकारी पाए यहां
हिंदू पंचांग के अनुसार फिलहाल श्रावण मास चल रहा है। इस महीने की हर एक तिथि की धार्मिक महत्ता है। इस माह में कई सारे उपवास, तीज व त्योहार मनाए जाते हैं। सावन महीने का अंतिम शुक्रवार माता लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। यूं तो हर शुक्रवार को लक्ष्मी माता का पूजन किया जाता है लेकिन श्रावण महीने के अंतिम शुक्रवार की महत्ता कहीं अधिक बताई गई है। इस दिन वरलक्ष्मी का व्रत किया जाता है और पूरे विधि-विधान के साथ उनकी पूजा की जाती है। जानते हैं साल 2021 में वरलक्ष्मी का व्रत किस दिन किया जाएगा। साथ ही जानते हैं पूजन सामग्री से लेकर विधि, मंत्र और महत्व के बारे में।

वरलक्ष्मी व्रत की तिथि और पूजा मुहूर्त
साल 2021 में वरलक्ष्मी का व्रत 20 अगस्त, शुक्रवार के दिन किया जाएगा।
सिंह लग्न पूजा मुहूर्त - सुबह 05:53 से 07:59
अवधि - 02 घंटा 06 मिनट
वृश्चिक लग्न पूजा मुहूर्त - दोपहर 12:35 से 02:54
अवधि - 02 घंटा 19 मिनट
कुम्भ लग्न पूजा मुहूर्त - शाम 06:40 से 08:07
अवधि - 01 घंटा 27 मिनट
वृषभ लग्न पूजा मुहूर्त - रात 11:07 से 01:03, अगस्त 21
अवधि - 01 घंटा 56 मिनट

वरलक्ष्मी पूजा की सामग्री
वरलक्ष्मी पूजा के लिए मां वरलक्ष्मी की प्रतिमा, हल्दी, कुमकुम, चंदन, पुष्प, फूलों की माला, अक्षत, पान के पत्ते, धूप, अगरबत्ती, दीपक, फल आदि के साथ श्रृंगार की सभी सामग्री तैयार करें।

वरलक्ष्मी पूजा विधि
वरलक्ष्मी का व्रत करने वाले जातकों को इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके निवृत्त हो जाना चाहिए। यह व्रत विवाहित महिला और पुरुष दोनों रख सकते हैं। घर के पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। लक्ष्मी जी की मूर्ति को एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर रखें। अक्षत के ऊपर कलश में जल भरकर रख दें। कलश पर चंदन लगाएं। अब मां को पूजा का समाना अर्पित करें। गौरतलब है कि दिवाली के समान ही वरलक्ष्मी व्रत पर माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। इस दिन वरलक्ष्मी व्रत कथा का पाठ जरुर करें। आरती करें और घर परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद दें। वरलक्ष्मी व्रत के मौके पर 24 घंटे अखंड ज्योत जरुर जलाएं। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी अवश्य करें।

वरलक्ष्मी व्रत मंत्र
पद्यासने पद्यकरे सर्व लोकैक पूजिते।
नारायणप्रिये देवी सुप्रीता भव सर्वदा।।

वरलक्ष्मी व्रत का महत्व
माता वर लक्ष्मी को महालक्ष्मी का अवतार माना गया है। ऐसी आस्था है कि मां लक्ष्मी के वरलक्ष्मी रूप का अवतरण क्षीर सागर में हुआ। उनका रंग दुधिया महासागर के समान है। मां का यह रूप सोलह श्रृंगार किये रहता है। वरलक्ष्मी का व्रत करने वाले जातक की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। वरलक्ष्मी मां अपने भक्तों की हर इच्छा को पूरा करती हैं और सुख-समृद्धि तथा धन-वैभव का आशीर्वाद देती हैं। इस व्रत को करने से हर तरह की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। ये व्रत खासतौर से विवाहित महिलाएं अपने सुहाग और बच्चों की खुशहाली के लिए करती हैं। इस व्रत को जो पति-पत्नी साथ में करते हैं, उन्हें इसका कई गुना लाभ मिलता है।



Click it and Unblock the Notifications