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उत्तराखंड में प्रसिद्ध मंदिर, जहां मिलता है मोक्ष, जानें उनकी विशेषताएं और कैसे पहुंचे
चार धाम की यात्रा शुरू होने वाली है। 25 अप्रैल 2023 को केदारनाथ और 27 अप्रैल 2023 को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जायेंगे। चार धाम यात्रा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। उत्तराखंड को देव भूमि भी इसलिए कह जाता है कि मोक्ष देने वाले चारों धाम यही पर विराजमान है। उत्तराखंड को हिंदू देवी-देवताओं के द्वावारा अपने भक्तों को आशीर्वाद प्राप्त माना जाता है। यहां पर हिंदुओं के कुछ सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों का घर है। उत्तराखंड में मंदिरों का इतिहास है जो आपको अट्रैक्ट करता है। यहां पर भगवान निवास करते हैं। हम आपको उत्तराखंड के कुछ सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारें में बताने जा रहे है, वहां पर आप कैसे जा सकते हैं, किस मौसम में यात्रा कर सकते हैं, एक गाइड आपके साथ शेयर कर रहे हैंं-

उत्तराखंड में सबसे प्रसिद्ध मंदिर-
-बद्रीनाथ मंदिर
-बालेश्वर मंदिर
-चंडी देवी मंदिर
-सुरकंडा देवी मंदिर
-कल्पेश्वर मंदिर
-केदारनाथ मंदिर
-मनसा देवी मंदिर
-रुद्रनाथ मंदिर
-नीलकंठ महादेव मंदिर
1. बद्रीनाथ मंदिर:
बद्रीनाथ मंदिर चार धाम में से एक धाम है। बद्रीनाथ मंदिर सबसे लोकप्रिय मंदिर है। इसका उल्लेख वेदों में है। जो भगवान विष्णु के भक्त हैं, वो चाहते हैं कि लाइफ में कम से कम एक बार यहां का दर्शन करें। यहां पर देश-विदेश के लगभग हर कोने से आने वाले भक्त उपासक आते हैं। बद्री शहर को मंदिर जितना ही पवित्र मानते हैं।
मुख्य विशेषताएं:
बद्री से माता मूर्ति रोड, बद्रीनाथ, उत्तराखंड
ड्रेस कोड: शालीन पोशाक
यात्रा का वक्त: 15 से 18 घंटे
कैसे पहुंचे घोड़े या व्यक्ति द्वारा चलना या यात्रा करना चुन सकते हैं।
यात्रा करने का बेस्ट टाइम : मई से जून और सितंबर से अक्टूबर के बीच

2. बालेश्वर मंदिर:
बालेश्वर मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है। ये चंद वंश के शासकों द्वारा निर्मित है। बालेश्वर मंदिर उत्तराखंड के उन प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जहां जाना जरूरी है। 10वीं और 12वीं शताब्दी ईस्वी के बीच निर्मित, ये मंदिर का नाम भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें बालेश्वर के नाम से भी जानते हैं।
मुख्य विशेषताएं:
जिला अस्पताल रोड, चंपावत, उत्तराखंड
समय: सुबह 9 बजे से 11:30 बजे और शाम 5 से 8:30 बजे तक
ड्रेस कोड: शालीन पोशाक
यात्रा की अवधि: 1-2 घंटे
कैसे पहुंचे : चंपावत शहर और मंदिर तक पहुंचने के लिए स्थानीय साधनों का उपयोग करें।
करने का सबसे अच्छा समय: महाशिवरात्रि इस मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय है

3. चंडी देवी मंदिर:
हरिद्वार में स्थित चंडी देवी मंदिर देवी चंडी को समर्पित है। ये देश में सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में हर साल श्रद्धालुओं दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर में प्रतिदिन दर्शन भी अधिक होते हैं।
मुख्य विशेषताएं:
पता: नील पर्वत, हरिद्वार
समय: नील पर्वत, हरिद्वार, उत्तराखंड
ड्रेस कोड: सभ्य पोशाक
यात्रा की अवधि: 1-2 घंटे
मंदिर तक जानें के लिए परिवहन के स्थानीय साधनों का उपयोग करें, पैदल या केबल कार का यूज कर सकते हैं।
यात्रा करने का सर्वोत्तम समय: नवरात्रि, चंडी चौदस

4. सुरकंडा देवी मंदिर:
किंवदंतियों के अनुसार, सती भगवान शिव की पहली पत्नी ने खुद को जलती हुई आग में फेंक दिया जब उनके पिता ने भगवान को एक भव्य वैदिक समारोह में आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि वो अपनी बेटी की पति की पसंद से खुश नहीं थे। दुख और क्रोध से त्रस्त होकर, भगवान शिव ने सती के शरीर को लिया और तांडव शुरू कर दिया, उन्हें शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने सती के शरीर को वितरित करने के लिए सुदर्शन चक्र का इस्तेमाल किया ताकि भगवान रुक जाएं। 51 शक्तिपीठों में से एक सुरकंडा मंदिर में सती का सिर यहां गिरा था। मंदिर 9000 फीट की ऊंचाई पर है। 8 किमी की दूरी पर पास के हिल स्टेशन स्थित हैं।
मुख्य विशेषताएं:
पता: चंबा - मसूरी रोड, सकलाना रेंज, उत्तराखंड
समय: गर्मी: सुबह 05:00 बजे से शाम 07:00 बजे तक
शीतकाल: सुबह 07:00 से शाम 05:00 बजे तक
ड्रेस कोड: सभ्य पोशाक
यात्रा की अवधि: एक दिन
कैसे पहुंचा जाये: परिवहन के स्थानीय साधन
यात्रा करने का सबसे अच्छा समय: गंगा दशहरा, नवरात्रि

5. कल्पेश्वर मंदिर:
उर्गम घाटी की गोद में 7000 फीट की ऊंचाई पर बना ये मंदिर 'जहां मनुष्य वहां भगवान' का उदाहरण है। इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता चुनौतीपूर्ण और थका देने वाला है। भगवान शिव का एक और प्रसिद्ध निवास, इस भगवान शिव मंदिर में भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, जिनकी आस्था सभी बाधाओं को पार कर जाती है। महाभारत में इस मंदिर का उल्लेख किया गया है। पांच पंच केदारों में से, ये एकमात्र ऐसा है जिसे पूरे साल देखा जा सकता है, जो इसे उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बनाता है।
मुख्य विशेषताएं:
उर्गम, गढ़वाल का चमोली जिला, उत्तराखंड
समय: सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक
ड्रेस कोड: सभ्य पोशाक
यात्रा की अवधि: एक दिन
कैसे पहुंचे : परिवहन के स्थानीय साधन

6.केदारनाथ मंदिर:
हिंदुओं की तीर्थयात्राओं में से एक छोटा चार धाम यात्रा केदारनाथ मंदिर के बिना अधूरी है। गढ़वाल हिमालय श्रृंखला के शीर्ष पर स्थित, ये उच्चतम ज्योतिर्लिंग है। उत्तराखंड में इस प्रसिद्ध मंदिर के प्रमुख देवता भगवान शिव हैं, जो उत्तराखंड में एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। लोककथाओं के अनुसार, पांडवों ने यहां अपनी तपस्या पूरी की और भगवान को प्रसन्न किया।
पता: केदार घाटी, केदारनाथ, उत्तराखंड
समय: सुबह 7 से दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 8:30 बजे तक
ड्रेस कोड: सभ्य पोशाक
लगभग। यात्रा की अवधि: 1 दिन
कैसे पहुंचा जाये: भक्त शुरुआती बिंदु से घोड़े या उन्हें अपनी पीठ (पिट्ठू) पर ले जाने वाले व्यक्ति द्वारा चलना या यात्रा करना चुन सकते हैं।
यात्रा का सर्वोत्तम समय: मई से अक्टूबर के बीच



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