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Varuthini Ekadashi 2026 Sanskrit Wishes: वरुथिनी एकादशी पर दिव्य संस्कृत श्लोकों सें दें अपनों को शुभकामनाएं
Varuthini Ekadashi 2026 Sanskrit Wishes: आज वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। वैसे तो सनातन धर्म में हर एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और जब बात वरुथिनी एकादशी की हो, तो इसका फल सौभाग्य और सुखों में वृद्धि करने वाला माना जाता है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की यह एकादशी इस वर्ष 13 अप्रैल 2026 को मनाई जा रही है। मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे दस हजार वर्षों तक तपस्या करने के समान फल प्राप्त होता है। इस पावन अवसर पर अपनी श्रद्धा को शब्दों में पिरोने के लिए संस्कृत से बेहतर कोई भाषा नहीं हो सकती। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' के उद्घोष के साथ, हमने आपके लिए तैयार किए हैं 50 से भी अधिक दिव्य संस्कृत श्लोक, मंत्र और संदेश, जिन्हें आप अपने प्रियजनों को भेजकर उनके मंगल की कामना कर सकते हैं।

वरुथिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की स्तुति के संस्कृत श्लोक और अर्थ
श्लोक: शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
अर्थ: शांत स्वरूप वाले, शेषनाग की शय्या पर लेटे हुए,
जिनकी नाभि में कमल है और जो देवताओं के स्वामी हैं,
उन भगवान विष्णु को प्रणाम।
श्लोक: मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुड़ध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
अर्थ: भगवान विष्णु का मंगल हो, गरुड़ ध्वज वाले का मंगल हो,
कमल नयन का मंगल हो, श्रीहरि सबका मंगल करें।
श्लोक: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
अर्थ: मैं भगवान वासुदेव (विष्णु) को प्रणाम करता हूँ।
श्लोक: यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः।
अर्थ: जिनकी स्तुति ब्रह्मा, वरुण, इंद्र, रुद्र और मरुत दिव्य स्तोत्रों द्वारा करते हैं।
श्लोक: लक्ष्मीकान्तं कमल नयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।
अर्थ: लक्ष्मी के स्वामी, कमल के समान नेत्रों वाले,
जिन्हें योगी ध्यान के माध्यम से प्राप्त करते हैं।
वरुथिनी एकादशी पर मंगलकामना संदेश(Sanskrit SMS & Wishes)
सन्देश: वरुथिनी एकादशी पर्वणः शुभाशयाः!
अर्थ: वरुथिनी एकादशी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!
सन्देश: श्रीहरिः सदा त्वां रक्षतु। वरुथिनी एकादश्याः शुभकामनाः।
अर्थ: श्रीहरि सदा आपकी रक्षा करें। वरुथिनी एकादशी की शुभकामनाएं।
सन्देश: भगवतः विष्णोः कृपया तव जीवनं सुखमयं भवतु।
अर्थ: भगवान विष्णु की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो।
सन्देश: सौभाग्यं वर्धतु, दुःखं नश्यतु। एकादशी शुभा भवतु।
अर्थ: सौभाग्य बढ़े, दुःख का नाश हो। एकादशी शुभ हो।
सन्देश: वरुथिनी एकादश्याः पावनपर्वणि सर्वेभ्यः मङ्गलकामनाः।
अर्थ: वरुथिनी एकादशी के पावन पर्व पर सभी के लिए मंगलकामनाएं।
वरुथिनी एकादशी पर भेजें ये दिव्य मंत्र
विष्णु सहस्रनाम मंत्र: ॐ विष्णवे नमः। (विष्णु को नमस्कार)
शांति मंत्र: ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः। (शांति बनी रहे)
सुख प्राप्ति: सर्वदा आनन्दं भवतु। (हमेशा आनंद रहे)
ज्ञान प्राप्ति: बुद्धिः श्रीः यशः धैर्यं भवतु। (बुद्धि, लक्ष्मी, यश और धैर्य प्राप्त हो)
आरोग्य: आरोग्यं धनसम्पदं भवतु। (स्वास्थ्य और धन की प्राप्ति हो)
ॐ अच्युताय नमः। (अच्युत भगवान को प्रणाम)
ॐ माधवाय नमः। (माधव को प्रणाम)
ॐ गोविदांय नमः। (गोविंद को प्रणाम)
वरुथिनी एकादशी तव कृते मङ्गलमयी भवतु। (वरुथिनी एकादशी आपके लिए मंगलमयी हो)
श्रीकृष्णः शरणं मम। (श्रीकृष्ण मेरी शरण हैं)
धर्मो रक्षति रक्षितः। (धर्म की रक्षा करने वाले की रक्षा होती है)
पुण्यं वर्धतु सर्वदा। (पुण्य हमेशा बढ़ता रहे)
विष्णोः अनुकम्पा सदा अस्तु। (विष्णु की कृपा सदा बनी रहे)
पापप्रणाशिनी एकादशी शुभा। (पापों का नाश करने वाली एकादशी शुभ हो)
सर्वकल्याणं भवतु। (सबका कल्याण हो)



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