Latest Updates
-
इस Mother's Day मां को दें किचन से 'Off', बिना गैस जलाए 10 मिनट में बनाएं ये 3 लाजवाब डिशेज -
Mother's Day 2026: 50 की उम्र में चाहिए 30 जैसा ग्लो ! महंगे फेशियल नहीं आजमाएं ये 5 घरेलू नुस्खे -
Mother's Day Wishes for Chachi & Tai Ji: मां समान ताई और चाची के लिए मदर्स डे पर दिल छू लेने वाले संदेश -
क्या आपने कभी खाया है 'हरामजादा' और 'गधा' आम? मिलिए Mango की उन 14 किस्मों से जिनके नाम हैं सबसे अतरंगी -
Mother's Day 2026 Wishes for Bua & Mausi: मां जैसा प्यार देने वाली बुआ और मौसी को भेजें मदर्स डे पर ये संदेश -
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे
Ashadha 2024: इस बार आषाढ़ महीने को क्यों माना जा रहा है अशुभ? जानें महाभारत से क्या है इसका संबंध
Ashadha Maas 2024 Ashubh Kyu Hai: भगवान विष्णु को समर्पित आषाढ़ मास 2024 23 जून से 21 जुलाई तक रहेगा। यह अवधि न केवल भगवान विष्णु बल्कि महादेव, शक्ति और सूर्य देव की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसा माना जाता है कि इस महीने में की गई तपस्या से सुख, समृद्धि, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।
ज्योतिषियों ने बताया कि इस साल आषाढ़ माह में 13 दिन का कृष्ण पक्ष होने के कारण यह अनोखा होगा। द्वापर युग के बाद पहली बार यह दुर्लभ घटना घट रही है, क्योंकि प्रतिपदा और चतुर्दशी तिथि का क्षय हो गया है। कृष्ण पक्ष 23 जून से 5 जुलाई तक रहेगा, उसके बाद 6 जुलाई से 21 जुलाई तक शुक्ल पक्ष रहेगा।

विश्व घस्र
13 दिन का कृष्ण पक्ष विश्व घस्र कहलाता है। ऐसा तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा की सटीक गणितीय चाल के कारण एक पक्ष में दो तिथियां लुप्त हो जाती हैं। ऐसी स्थिति का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि महाभारत युद्ध के दौरान भी ऐसा ही हुआ था।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, विश्व घासर असामान्य बीमारियों, मुद्रास्फीति और राजनीतिक उथल-पुथल का कारण बन सकता है। इसी तरह की घटनाएँ विभिन्न वर्षों में विभिन्न महीनों में दर्ज की गई हैं: संवत 2016 में भाद्र, 2031 और 2062 में कार्तिक, 2050 में आषाढ़, 2067 में दूसरा वैशाख और संवत 2078 में भाद्र शुक्ल पक्ष।
त्यौहार और उत्सव (Ashadha Month 2024)
इस आषाढ़ महीने में कई महत्वपूर्ण त्यौहार और व्रत मनाए जाएंगे। इनमें 6 जुलाई से शुरू होने वाली गुप्त नवरात्रि, 7 जुलाई से जगन्नाथ रथ यात्रा और 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी शामिल हैं। देवशयनी एकादशी वह दिन है जब भगवान विष्णु चार महीने के लिए सो जाते हैं और सभी शुभ कार्य रोक देते हैं।
21 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के साथ महीने का समापन होगा। अन्य उल्लेखनीय व्रतों में 2 जुलाई को योगिनी एकादशी, 3 जुलाई को प्रदोष व्रत, 4 जुलाई को मासिक शिवरात्रि और 5 जुलाई को आषाढ़ अमावस्या शामिल हैं।
विस्तृत त्यौहार तिथियां (Ashadha Maas 2024 Festivals Date)
| त्योहार | तारीख |
|---|---|
| योगिनी एकादशी | 2 जुलाई |
| प्रदोष व्रत | 3 जुलाई |
| मासिक शिवरात्रि | 4 जुलाई |
| आषाढ़ अमावस्या | 5 जुलाई |
| गुप्त नवरात्रि शुरू | 6 जुलाई |
| जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू | 7 जुलाई |
| देवशयनी एकादशी | 17 जुलाई |
| गुरु पूर्णिमा | 21 जुलाई |
आषाढ़ मास का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। भक्तों का मानना है कि इस दौरान पूजा करने से ईश्वरीय आशीर्वाद मिलता है। 13 दिवसीय कृष्ण पक्ष की अनोखी घटना इस वर्ष के अनुष्ठानों में ऐतिहासिक और ज्योतिषीय महत्व की एक अतिरिक्त परत जोड़ती है।



Click it and Unblock the Notifications