Latest Updates
-
Suryakumar Yadav बने पिता, बेटी का नाम रखा 'रिद्धिमा', जानें इसका अर्थ और धार्मिक महत्व -
National Technology Day 2026 Quotes: मिसाइल मैन के वो अनमोल विचार जो आज भी युवाओं को देते हैं प्रेरणा -
Aaj Ka Rashifal 11 May 2026: सोमवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
गर्मी में टैनिंग से काली पड़ गई है गर्दन? टेंशन छोड़ें और आजमाएं दादी मां के ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे -
Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई, कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का समय -
Eid-ul-Adha 2026: 27 या 28 मई, भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी -
Mother's Day से पहले सोनम कपूर ने दिया बड़ा सरप्राइज, रिवील किया बेटे का नाम, महादेव से है गहरा नाता -
इन नक्षत्रों में जन्में लोग करते हैं दुनिया पर राज! बनते हैं वैज्ञानिक और लीडर, क्या आपका भी लकी नं 1? -
देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय -
Mother's Day 2026: मिलिए उन 7 जांबाज 'सुपर मॉम' से जिन्होंने बच्चों के साथ क्रैक किया UPSC, बनीं IAS
Shardiya Navratri 2023: क्यों कहते हैं “शारदीय” नवरात्र? जानिये नवरात्र मनाये जाने के पीछे की कहानी
Shardiya Navratri Kyu Kehte Hai: आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होती है। इस बार शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023 से प्रारंभ हो रहा है और 23 अक्टूबर को नवमी के बाद 24 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ संपन्न होगा।
इस दौरान नौ दिनों तक माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं की इस नवरात्र को शारदीय नवरात्र क्यों कहते हैं? आइये हम आपको बताते हैं और साथ में ये भी बताएँगे की नवरात्र मनाने के पीछे की कथा क्या है?

शारदीय शब्द बना है शरद से जिसका मतलब होता है शरद ऋतु यानि सर्दी का मौसम। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में नवरात्र प्रारंभ होता है। इस दौरान दिन छोटे होने लगते हैं और रात लम्बी। इसके साथ ही मौसम भी करवट लेने लगता है। सर्दी की सुगबुगाहट शुरू हो जाती है। बदलते मौसम का कुप्रभाव हम पर ना पड़ें इसलिए हमारे ऋषि मुनियों ने इस दौरान नौ दिन तक उपासना करने और तामसिक जीवन शैली से दूर रहने की सलाह दी है। ठंडी के मौसम की शुरुआत होने के साथ ही माता की उपासना के नौ दिन प्रारंभ हो जाते हैं और इसको शारदीय नवरात्र कहते हैं।

शारदीय नवरात्र मनाने के पीछे एक रोचक कथा है। महिषासुर नामक एक असुर था जिसने तपस्या करके ब्रह्मा को प्रसन्न कर लिया और उनसे अमरत्व का वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान प्राप्त करते ही असुर ने पाप करना शुरू कर दिया। देवी देवताओं को परेशान करना और जीवों पर अत्याचार करते देख देवता परेशान हो उठें। फिर ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ने मिलकर इसका समाधान ढूंढा।

विष्णु और शिव की शक्ति से और अन्य देवताओं की शक्ति से शक्ति स्वरूपा माता दुर्गा ने जन्म लिया। इन्होंने महिषासुर से युद्ध किया। यह युद्ध 9 दिनों तक चला। प्रत्येक दिन देवता गण दुर्गा की उपासना करते हैं और अपनी शक्ति इन्हें प्रदान करते थे। दशमी के दिन माता ने महिषासुर का वध कर दिया। तब से इन नौ दिनों माता के अलग अलग रूपों की उपासना होती है और प्रार्थना की जाती है की माता सिद्धि प्रदान करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications