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5 तरह के डोसे जो आपको जरुर खाने चाहिये
डोसा एक तरह से इंडियन पेनकेक से कम नहीं है। दक्षिण भारत व्यंजन पूरे देशभर में काफी मशहूर है। डोसा भी उनमें से एक ऐसा डिश है जो सबको नाश्ते, में स्नैक्स में हर समय खाना बहुत भाता है। अगर कोई फॉरेनर इंडिया घूमने आता है तो वो पूरे दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुके डोसे को खाना नहीं भूलता है।
आज हम आपको यहां पांच खास तरह के डोसे के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको अपनी जिंदगी में जरुर खाने चाहिए।

प्लेन/मसाला डोसा-
जब बात डोसा ऑर्डर करने की आती है, तब हमारे दिमाग में या तो प्लेन यानी की बिल्कुल खाली डोसा होता है। या फिर मसाला डोसा, जिसमें पके हुए आलू का मिश्रण भरा होता है। दोनों की खाने में लाजवाब होते हैं और पेट के लिये भी अच्छे माने जाते हैं।
रवा डोसा
यह एक तरह का स्वास्थ्य वर्धक डोसा है, जो कि पूर्व के राज्यों में भी बहुत पॉपुलर डिश माना जाता है। इसमें चावल की जगह पर रवा यानी की सूजी का घोल तैयार किया जाता है। यह बहुत ही किस्पी और बड़ा होता है।
पेपर डोसा
यह एक असाधारण टाइप का डोसा है। मतलब यह टेबल के एक कोने से शुरु होगा तो दूसरी ओर आ कर ही खतम होगा। यह साइज में काफी बड़ा और अल्ट्रा थिन होता है, इसलिये इसको पेपर डोसा कहा जाता है। इसको इस तरह से बनाने का मतलब यह था, कि इसकी चौड़ाई को कम किया जा सके जिस्से इसको कई परतों में मोड़ना ना पड़े। इसलिये यह बहुत ही लंबे होते हैं, लेकिन अंदर से क्रिस्पी और लाइट।
बटर डोसा
यह डोसा थोड़ा स्पेशल है क्योकि यह तेल में नहीं बल्कि बटर में बनाया जाता है। यह डोसा आपकी जेब पर थोड़ा भारी पड़ सकता है लेकिन यकीन मानिये कि यह डोसा खाने में बहुत ही टेस्टी होता है। यह डोसा दवानगेरे शहर का है, जो कि कर्नाटक राज्य में बसा हुआ है।
नीर डोसा
इसका नाम पड़ा है, पानी शब्द से। यह डोसा कर्नाटक राज्य के तुलू क्षेत्र से आई है। यह डोसा अन्य डोसो की तरहभूरे रंग का नहीं बल्कि बिल्कुल सफेद रंग का होता है। इसको बनाने के लिये आपको चावल रातभर भिगोने की जरुरत नहींहोगी। यह काफी हल्का और मुलायम होता है जिसे आप फिश करी या किसी सब्जी के साथ खा सकते हैं।



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