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मोना लिसा से जुडे षड़यन्त्रकारी सिद्धांत
मोनालिसा और उनकी सीक्रेट स्माइल वाली अनोखी पेंटिंग पूरी दुनिया में एक बहस का विषय है। मोनालिसा कला जगत का वह जाना पहचाना नाम है जिससे पूरी दुनिया परिचित है, कौन है मोनालिसा? इसकी मुस्कुराहट के पीछे क्या रहस्य है? क्या है इसकी विशेषता? सदियों से कलाकारों, कलाप्रेमियों के साथ-साथ सामान्य लोगों के लिए भी एक अबूझ पहेली रही है।
मोनालिसा विश्व प्रसिद्ध ईटली के महान कलाकार लीयनार्दो दि विंची की वह अमर कलाकृति है जिसे विंची ने सन् 1503 से 1507 के मध्य पेंट किया। इस चित्र को बनाने में लीयनार्दो को चार वर्ष लगे, यद्यपि इसी दौरान उन्होंने सेन्टपॉल बपतिस्त तथा वर्जिन एण्ड चाईल्ड विद सेंट आंद्रे नामक दो अन्य कलाकृतियाँ भी बनाई।
मोनालिसा कि यह पेंटिंग ना केवल रहस्यमय मुस्कुराहट की वजह से प्रसिद्ध है बल्कि कुछ षड़यन्त्रकारी सिद्धान्त की वजह से भी इसे पहचान मिली है। पोपलर लकड़ी के पैनल पर आयल कलर से बनें महिला के पोटे्ट पूरी दुनिया में रिसर्च व बहस चल रही है। आजतक दुनिया की किसी भी अन्य कलाकृर्ति के बारे में इतना विवाद व कौतूहल नहीं रहा जितना मोनालिसा के बारे में है। आइये जानते हैं कि आखिर मोनालिसा की इस पेंटिंक के पीछे ऐसे कौन कौन से षड़यन्त्रकारी सिद्धान्त छुपे हुए हैं जिसके बारे में हमें पता ही नहीं और दुनियाभर में इतना बवाल मचा हुआ है।

कौन थी मोना लिसा?
समझा जाता है कि ये तस्वीर फ़्लोरेंस के एक गुमनाम से व्यापारी 'फ़्रांसेस्को देल जियोकॉन्डो' की पत्नी 'लिसा गेरार्दिनि' को देखकर आंकी गई है। मगर चित्र में जो महिला है वह एक बहुत बड़ी रहस्य बनी है और उसकी असली पहचान बता पाना बहुत मुश्किल है।

रहस्यमय मुस्कान
मोनालिसा कीआंखों में दर्द है और होंठो पर मुस्कुराहट। माना जाता है कि यह पेंटिंग बनवाने से कुछ दिनों पहले इनकी मां का देहांत हो गया था जिस वजह से ये दुखी हैं। यही वह मुस्कान है जिसने कई राज अपने दिल में समेट रखे हैं।

क्या मोना लिसा गर्भवती थीं?
जिस तरह से मोना लिसा अपने दोनों हाथों को मोड़ कर बैठी थीं, उससे जाहिर होता है कि वह गर्भवती थीं और वे अपने पेट को छिपाने की कोषिश कर रही थीं। साथ ही जो असली मोना लिसा, लिसा गेरार्दिनि थीं वह भी अपनी पेंटिंग बनवाने के दौरान अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं।

मोना लिसा आदमी थी?
कुछ सिद्धांतकारों ने मोना लिसा का मर्दाना कद और शरीर देख कर उन्हें पुरुष का दर्जा दे डाला है।

लिओनार्दो की मां थी मोना लिसा
कई लोग यह मानते हैं कि लिओनार्दो ने अपनी मां के प्यार में उन्हीं का चित्र बना डाला। इनकी मां का नाम कैथरीन डा विंची था।

खुद डा विंची ही थे मोना लिसा
कुछ सिद्धांतकारों का मानना है कि मोना लिसा लियोनार्डो दा विंची की खुद की तस्वीर है। जब विंची एक युवा और बिना दाढ़ी के नौजवान थे, यह पेंटिंग उसी का संस्करण हो सकता है। इस चित्रकला में डा विंची के आत्म चित्र की अद्भुत समानताएं हं।

अमोन और इलीसा: मेन एंड वूमन
कई सिद्धांतकार बोलते हैं कि मोनालिसा दोनों ही आदमी और महिला का मेल है। अमोन और इलीसा शब्द मिला कर मोना लीसा शब्द बना है, जो कि मोना लिसा को उभयलिंगी बनाता है।

क्यों नहीं हैं भौंहें?
मोना लिसा के चेहरे पर बाल ना होने की वजह से वे अजीब लग रही हैं। यहां तक की उनकी भौंहें तक गायब हैं। माना जाता है कि 16वी शताब्दी में महिलाओं के लिये प्रथागत तौर पर अपनी भौंहों को छिलवाना जरुरी था।



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