अपनी जिम्मेदारियों से क्यों भागते हैं पुरुष

By Shakeel Jamshedpuri

पहली बात यह कि हर आदमी अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागता है। काफी सारे लोग जिम्मेदारी उठाने के मामले में अपने पार्टनर से बेहतर होते हैं। वहीं बहुत से लोग जिम्मेदारियों को भरसक टालने का प्रयास करते हैं। ऐसा करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है जिम्मेदारियों से दूर भागने की आदत वंशानुगत हो। या फिर यह उस माहौल का असर हो जिसमें वह पला-बढ़ा हो। कई बार ऐसा भी होता है कि लपरवाही और आलस्य के कारण लोग अपनी जिम्मेदारियों से दूर भागते हैं। कुछ मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि बहुत ज्यदा तनाव और दबाव में होने के कारण लोग जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी में एक ही समय में इतनी सारी जिम्मेदारियों से दो-चार हो जाता है कि वह दोबारा उन जिम्मेदारियों को नहीं उठाना चाहता है। जिम्मेदारी उठाना मजबूत इच्छाशक्ति वाले लोगों के ही बस में है। हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। समूह में कुछ लोग होते हैं जो आगे आकर जिम्मेदारी उठाने के बजाय समूह के बीच में सुरक्षित चलना चाहते हैं।

कुछ लोग डर के कारण भी जिम्मेदारियों से दूर भागते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शायद वह उस काम को पूरा नहीं कर सकेगा। अब डर तो हर इंसान को लगता है, भले ही वह दुनिया को कितना भी मजबूत दिखाने की कोशिश क्यों न करे। जिम्मेदारी उठाने में हर व्यक्ति को थोड़ा बहुत डर तो होता ही है। इससे निपटने के लिए बहुत ज्यादा सहयोग और कोशिश की जरूरत पड़ती है।

Why men run away from responsibilities

आइए हम आपको बताते हैं कि पुरुषों के जिम्मेदारियों से दूर भागने के क्या कारण है-

1. आलस्य
ज्यादातर मामलों में व्यक्ति आलस्य के कारण जिम्मेदारियों से दूर भागता है। यहां तक के जो लोग मजबूत और दृढ़ होते हैं, उनके अंदर भी आलस्य होता है। देखा जाए तो जिम्मेदारी एक मुश्किल काम और इसे निभाने के लिए प्रतिबद्धता और मेहनत की जरूरत पड़ती है। यह सबके बस की बात नहीं है।

2. वंशानुगत
जिम्मेदारियों से भागना कई बार वंशानुगत भी होता है। हमें कई गुण अपने माता-पिता से मिलते हैं और हम इसी के साथ बड़े होते हैं। हो सकता है कुछ लोगों के माता-पिता भी जिम्मेदारियों से दूर भागते होंगे, इसलिए उनमें भी यह गुण आ गया। इतना ही नहीं कई बार तो हम जिस माहौल में पलते-बढ़ते है, उसका भी असर पड़ता है।

3. डर
पुरुषों में जिम्मेदारियों से दूर भागने की एक अहम वजह डर भी है। हो सकता है कि कोई व्यक्ति अतीत में कई बार किसी काम में असफल हुआ हो, इसलिए वह अधिक जिम्मेदारियों से बचता हो।

4. अतीत
अतीत की कोई घटना भी व्यक्ति को जिम्मेदारियां उठाने से रोकती है। हो सकता है कि कभी वह किसी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए जबर्दस्त तनाव से गुजरा हो। आप भले ही कितनो ही साकारात्मक क्यों न हों, कई बार ऐसी घटना दिमाग में बैठ जाती है और हमें जिम्मेदारियों से दूर ले जाती है।

5. नजरिया
कोई जिम्मेदारी उठाने के लिए साकारात्मक नजरिया बेहद जरूरी है। जो व्यक्ति नाकारात्मक सोच के साथ पहले ही नतीजे को लेकर डरा हुआ हो, वह कभी जिम्मेदारी को हाथो-हाथ नहीं लेगा। ऐसे लोग बिना प्रयास किए ही यह मान लेते हैं कि उनसे काम नहीं होगा और जिम्मेदारियों से मुकर जाते हैं।

6. अनुभव
जिम्मादारी को ठीक तरह से निभाने के लिए जरूरी है कि आपके पास कुछ अनुभव हो। जिनके पास किसी काम का अनुभव कम होता है, वह उस काम को करने से बचता है। जानकारी और विचारों के अभाव में उन्हें लगता है कि वह काम को सफलतापूर्वक अंजाम नहीं दे सकेगा। लिहाजा वह इससे पूरी तरह से किनारा कर लेता है।

Story first published: Saturday, November 23, 2013, 5:01 [IST]
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