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Ramadan 2026 Iftar Time Today: आज कितने बजेगा खुलेगा रोजा, चेक करें आपके शहर में इफ्तारी का समय
Aaj Kitne Baje Khulega Roza: इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र और बरकतों वाले महीने 'रमजान-उल-मुबारक' की शुरुआत हो चुकी है। 19 फरवरी 2026 को पहला रोजा रखा गया था। यह वह मुकद्दस महीना है जिसमें खुदा की इबादत करने से न सिर्फ गुनाहों की माफी मिलती है, बल्कि इंसान के सब्र और तकवा (परहेजगारी) का भी इम्तिहान होता है। रमजान के इस रूहानी सफर में रोजेदार भूख-प्यास पर काबू पाकर अल्लाह की रजा हासिल करने की कोशिश करते हैं।
आज 22 फरवरी 2026, दिन रविवार को रमजान 1447 हिजरी का चौथा रोजा रखा जा रहा है। चौथे रोजे को 'नेकी का छाता' कहा जाता है, जो रोजेदार की हिफाजत करता है। आइए जानते हैं आज आपके शहर में सेहरी का वक्त क्या था और इफ्तार किस समय होगा।

आज कौन सा रोजा है? (Current Roza Day)
इस साल रमजान का महीना रहमतों और नेमतों के साथ शुरू हो चुका है। आज 22 फरवरी 2026 को भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में चौथा रोजा मुकम्मल किया जा रहा है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह रमजान 1447 AH का शुरुआती दौर है, जिसे 'रहमत का अशरा' कहा जाता है।
चौथे रोजे की अहमियत: क्या है 'नेकी का छाता'?
इस्लाम में चौथे रोजे को विशेष महत्व दिया गया है। उलेमाओं के अनुसार, यह रोजा रोजेदार के लिए एक सुरक्षा कवच यानी 'नेकी का छाता' बनकर काम करता है। पवित्र कुरान की सूरत अलमुरसिलात (19वां पारा) में जिक्र आता है कि संयमी और सत्कर्मी लोग जन्नत की छांव और चश्मों के बीच होंगे। लेकिन यह फजीलत तभी हासिल होती है जब रोजा पूरी पाबंदी और शरीयत के नियमों के साथ रखा जाए।
रोजा रखने और खोलने का सही तरीका
रोजा महज भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह रूह की पाकीजगी का जरिया है।
सेहरी (Sehri): फज्र की अजान से पहले खाया जाने वाला भोजन, जिससे रोजा शुरू होता है।
इफ्तार (Iftar): शाम को मगरिब की अजान के साथ खजूर या पानी से रोजा खोलने की प्रक्रिया।
शहर अनुसार आज के सहरी और इफ्तार का टाइम (Sehri-Iftar Timings)
रोजा सही समय पर शुरू करना और खोलना बेहद जरूरी है। यहां भारत के प्रमुख शहरों के समय दिए गए हैं:
| शहर | सहरी का समय (सुबह) | इफ्तार का समय (शाम) |
| दिल्ली | 05:35 | 18:17 |
| मुंबई | 05:50 | 18:42 |
| बेंगलुरु | 05:28 | 18:28 |
| चेन्नई | 05:18 | 18:17 |
| कोलकाता | 04:49 | 17:37 |
| श्रीनगर | 05:45 | 18:21 |
| लखनऊ | 05:19 | 18:03 |
| हैदराबाद | 05:27 | 18:21 |
| पटना | 05:02 | 17:48 |
| रांची | 05:02 | 17:50 |
| अहमदाबाद | 05:52 | 18:40 |
| नागपुर | 05:21 | 18:20 |
नोट: यद्यपि ऊपर दिए गए समय विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित हैं, लेकिन मौसम और सटीक लोकेशन की वजह से 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है। सुरक्षित इफ्तार के लिए हमेशा अपने मोहल्ले की स्थानीय मस्जिद की अजान को प्राथमिकता दें या विश्वसनीय इस्लामिक ऐप्स का सहारा लें।
इफ्तार की दुआ (Iftar Ki Dua)
जब इफ्तार का वक्त हो जाए, तो सबसे पहले यह दुआ पढ़ें:
हिंदी में: "अल्लाहुम्मा लका सुमतु व-बिका आमंतु व-अ़लैका तवक्कलतु व-अ़ला रिज़कि़का अफ़्तरतु।"
तर्जुमा: "ऐ अल्लाह! मैंने तेरे ही लिए रोजा रखा और तुझ पर ही ईमान लाया और तुझ पर ही भरोसा किया और तेरे ही दिए हुए रिज्क से इफ्तार किया।"
रोजा खोलने का सुन्नत तरीका
जल्द इफ्तार करना: सूरज डूबने के बाद (मगरिब की अजान होते ही) इफ्तार में देरी न करना सुन्नत है।
खजूर से शुरुआत: अल्लाह के नबी ﷺ अक्सर खजूर से रोजा खोलते थे। यदि खजूर न हो, तो पानी से रोजा खोलना सुन्नत है।
दुआ मांगना: इफ्तार से ठीक 5-10 मिनट पहले अल्लाह से अपनी जायज मुरादों के लिए दुआ मांगें, क्योंकि इस वक्त दुआ रद्द नहीं होती।
इफ्तार के समय इन बातों का रखें खास ख्याल
ताजा और हल्का भोजन: दिन भर खाली पेट रहने के बाद अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना (Oily Food) न खाएं। इससे पाचन बिगड़ सकता है।
पानी का सही संतुलन: प्यास बुझाने के लिए एक साथ ढेर सारा ठंडा पानी न पिएं। इससे पेट में ऐंठन हो सकती है। धीरे-धीरे और कमरे के तापमान वाला पानी पिएं।
दूसरों को इफ्तार कराना: यदि मुमकिन हो, तो किसी जरूरतमंद या पड़ोसी को इफ्तार का कुछ हिस्सा भेजें। रोजा इफ्तार कराने वाले को भी उतना ही सवाब मिलता है जितना रोजा रखने वाले को।
मगरिब की नमाज: इफ्तार के तुरंत बाद बहुत ज्यादा खाना न खाएं, ताकि आप सुस्ती महसूस न करें और मगरिब की नमाज सुकून से अदा कर सकें।
दिखावे से बचें: इफ्तार को सादगी के साथ मनाएं। खाने की बर्बादी बिल्कुल न करें।
इफ्तार के बाद की एक और खास दुआ
नबी करीम रोजा खोलने के बाद अक्सर यह दुआ पढ़ते थे:
"ज़हबज्ज़ मउ वब्तल्लतिल उ़रूक़ु व सबतल अजरु इनशा अल्लाह"
(तर्जुमा: प्यास बुझ गई, रगें तर हो गईं और अल्लाह ने चाहा तो सवाब पक्का हो गया)



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