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Ahmedabad Plane Crash: क्रैश से पहले पायलट ने आखिरी समय पर किया था Mayday कॉल, जानें इसका मतलब
Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हुआ जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे नंबर 23 से दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बी787 विमान उड़ान भरते ही क्रैश हो गया। विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट और 10 क्रू मेंबर्स शामिल थे।
हादसे से ठीक पहले पायलट सुमित सुब्बरवाल ने एटीसी (Air Traffic Control) को एक इमरजेंसी 'Mayday' कॉल दी, जिसके कुछ सेकंड बाद ही विमान रडार से गायब हो गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अब सवाल ये उठता है कि आखिर यह 'Mayday' कॉल होती क्या है, और पायलट ने इसका इस्तेमाल क्यों किया?

क्या होती है 'Mayday' कॉल?
'Mayday' कॉल एक इंटरनेशनल इमरजेंसी रेडियो सिग्नल है, जिसका इस्तेमाल किसी विमान या जहाज का पायलट तब करता है जब वह गंभीर संकट में होता है और जान-माल का खतरा मंडरा रहा होता है। इस कॉल के जरिए पायलट नजदीकी ATC और अन्य विमानों को सूचित करता है कि उसे तुरंत सहायता चाहिए। इस संदेश को प्लेन के रेडियो पर तीन बार दोहराया जाता है - "Mayday, Mayday, Mayday", ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह असली इमरजेंसी है और कोई मज़ाक या भ्रम नहीं।
Mayday शब्द की उत्पत्ति
'Mayday' शब्द की शुरुआत 1920 के दशक में ब्रिटेन के Croydon Airport पर हुई थी। रेडियो ऑफिसर Frederick Stanley Mockford ने इसे फ्रेंच शब्द "m'aider" से लिया था, जिसका मतलब होता है - "मेरी मदद कीजिए" (Help me)। यह शब्द चुना गया क्योंकि इंग्लिश और फ्रेंच दोनों में इसे आसानी से समझा जा सके। 1923 में यह शब्द अंतरराष्ट्रीय रेडियो संचार प्रणाली में शामिल हो गया और 1927 में इसे औपचारिक रूप से Morse "SOS" के साथ अपनाया गया।
पैन-पैन (Pan-Pan) और मेडे (Mayday) कॉल में फर्क
जब स्थिति गंभीर होती है लेकिन जान का तत्काल खतरा नहीं होता, तब पायलट Pan-Pan कॉल करता है। यह कॉल भी इमरजेंसी की श्रेणी में आती है लेकिन Mayday से कम गंभीर मानी जाती है। उदाहरण के लिए, अगर विमान में तकनीकी खराबी है लेकिन वह कंट्रोल में है, तो Pan-Pan कॉल दी जाती है। वहीं Mayday कॉल का इस्तेमाल तभी होता है जब विमान को तुरंत बचाव की आवश्यकता हो।
अहमदाबाद हादसे में Mayday कॉल क्यों दी गई?
एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने टेक-ऑफ करते ही तकनीकी संकट का सामना किया। पायलट ने उड़ान भरते ही Mayday कॉल देकर यह स्पष्ट किया कि विमान किसी बेहद गंभीर स्थिति में है। कॉल के तुरंत बाद एटीसी ने प्रोटोकॉल के तहत आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दीं, लेकिन विमान का संपर्क टूट चुका था और कुछ ही सेकंड बाद वह क्रैश हो गया। Mayday कॉल किसी भी विमान हादसे में क्रू द्वारा भेजा गया अंतिम अलर्ट होता है। इसके जरिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाता है और फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और सिक्योरिटी टीमें तैयार हो जाती हैं।



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