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दिखने में खूंखार, दुश्मन को खोजने में शातिर, पेरिस ओलंपिक की सुरक्षा में तैनात K9 डॉग्स की खासियत जानें
India's elite K9 units at Paris Olympics : 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक में तमाम देशों के लगभग 10,500 एथलीट पेरिस खेलों का हिस्सा होंगे, ऐसे में इनकी सुरक्षा के कड़े उपाय किए जा रहे है। एथलीटों की सुरक्षा के लिए जहां कमांडो से लेकर खुफिया एजेंसियों को तैनात किया गया है। वहीं 11 अगस्त तक चलने वाले इन की सुरक्षा में दुनिया भर से 10 एलीट डॉग स्क्वॉड का चयन हुआ है।
जिनमें से सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की डॉग K-9 टीम के 2 सोल्जर्स पांच वर्षीय वास्ट और तीन वर्षीय डेनबी भी शामिल हैं। ये दोनों बेल्जियन मैलिनोइस सीआरपीएफ के K9 'सोल्जर्स' का हिस्सा हैं। 10 डॉग्स CRPF, NSG, SSB, ITBP जैसे अलग फोर्सेस से चुने गए हैं।
🇮🇳 ITBP K9s Secure Paris! 🇫🇷
— ITBP (@ITBP_official) July 19, 2024
At the request of the French Government, our elite #K9 team is deployed for critical anti-sabotage duties at the #ParisOlympics2024. This historic first for Indian #CAPF showcases our unwavering commitment to global security. #ITBP #HIMVEERS pic.twitter.com/dNJSGmetuy
K-9 यूनिट के साथ उनके हैंडलर भी फ्रांस पहुंच चुके हैं। ये स्क्वाड ओलंपिक खेलों के समापन तक पेरिस में एंटी-सबोटेज ड्यूटी के लिए तैनात रहेंगे। आइए जानते हैं डॉग K-9 स्क्वॉड की खासियत।
सेना की तीसरी आंख होते हैं K-9 स्क्वॉड
K-9 स्क्वाड को आर्मी, सीआरपीफ जैसे दस्ते में रखा जाता है। इसे सेना की तीसरी आंख भी कहा जाता है। इनमें की ट्रेन डॉग्स शामिल होते हैं, जो हर स्थिति से निपटने को तैयार रहते हैं। ये डॉग किसी भी जवान से कम नहीं होते हैं। दिल्ली में हुए जी-20 सम्मेलन में इन्हें तैनात किया गया था।

K-9 स्क्वाड यूनिट की खासियत
K-9 स्क्वॉड के डॉग के सूंघने की क्षमता काफी ज्यादा होती है। ये सूंघकर तुरंत किसी छिपे हुए विस्फोटक का आसानी से पता लगा सकते हैं। बेल्जियन शेफर्ड मालिनोइस कुत्ते अपनी चालाकी, तेज दिमाग, ताकत और सहनशक्ति के लिए जाने जाते हैं। इस वजह से मिलिट्री सर्विसेज में अपनी सेवा देने के लिए जाने जाते हैं।
K-9 स्क्वॉड के डॉग की किस्म और खासियत
ज्यादात्तर पुलिस और आर्मी फोर्स में K-9 टीम होती है। ये डॉग्स बेल्ज्यिन मालीनोइस नस्ल के होते हैं। यह आम नस्ल से काफी अलग होते हैं। दुनियाभर के मिलिट्री सर्विसेज में इन्हें ही शामिल किया जाता है। इस नस्ल के कुतों के सिर बड़े आम कुत्तों की नस्ल की तुलना में बड़े होता हैं। उनकी नाक काफी चोड़ी होती है। अपनी नाक की बदौलत ये डॉग्स तमाम तरह के विस्फोटकों और IED की गंध को खोज निकालते हैं। इनका ज्यादात्तर इस्तेमाल एयरपोर्ट, रेस्क्यू ऑपरेंस और जंग की स्थितियों में होता है।
दुनिया के बड़े खुफिया मिशन को दे चुके हैं अंजाम
पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के ठिकाने का पता लगाने में भी K-9 स्क्वॉड की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।



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