Latest Updates
-
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान
Badrinath-Kedarnath में गैर-हिंदुओं की 'नो एंट्री', मंदिर समिति ने सभी मंदिरों के लिए जारी किया फरमान
Non Hindus Entry Ban In Kedarnath Badrinath: देवभूमि उत्तराखंड के गौरव और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर की मर्यादा, शुद्धता और सनातन परंपराओं की रक्षा का हवाला देते हुए समिति ने यह नो एंट्री का फरमान जारी किया है।
इस फैसले के बाद अब केवल सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालु ही मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश कर सकेंगे। आइए जानते हैं क्या है यह नया नियम और इसके पीछे की असली वजह।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने लिया बड़ा फैसला
उत्तराखंड की देवभूमि में मंदिरों की मर्यादा और सांस्कृतिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक ऐतिहासिक निर्णय की तैयारी कर ली है। हरिद्वार के बाद अब देश के प्रमुख धामों में भी प्रवेश के नियम कड़े होने जा रहे हैं। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि श्री बद्रीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम सहित मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए मंदिर समिति की आगामी बोर्ड बैठक में औपचारिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारखंड से लेकर मानसखंड तक की मंदिर श्रृंखलाओं में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश हमेशा से प्रतिबंधित रहा है। पूर्ववर्ती गैर-भाजपा सरकारों के दौरान इन परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है। वर्तमान में इन परंपराओं का विधिवत पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
हरिद्वार के बाद अब धामों की बारी
गौरतलब है कि कुछ समय पहले हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र और हर की पैड़ी पर भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने की मांग उठी थी, जिसके बाद वहां स्पष्ट बोर्ड भी लगा दिए गए थे। अब इसी तर्ज पर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि धामों की पवित्रता बनी रहे।
सरकार के कदमों का समर्थन और धार्मिक अस्मिता
बीकेटीसी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने यूसीसी (UCC), कठोर नकल कानून और अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की संस्तुति जैसे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इससे जनमानस का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।
देवभूमि की पवित्रता के लिए प्रभावी कदम
समिति का मानना है कि राज्य सरकार और मंदिर समिति के समन्वय से देवभूमि की पवित्रता की रक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। जल्द ही मंदिरों के बाहर इस नए नियम के बोर्ड और दिशा-निर्देश देखे जा सकेंगे, जिससे सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं का अनुपालन सुनिश्चित होगा।



Click it and Unblock the Notifications











