Guru Purnima Par Kavita : गुरु पूर्णिमा पर इन सुंदर कविताओं के साथ भेजे अपने प्रिय गुरुओं को शुभकामनाएं

Guru Purnima Par Kavita : गुरु और शिष्य का रिश्ता इस दुनिया में सबसे अनमोल और पवित्र माना जाता है। इस रिश्ते की शुरुआत होती है उस शिक्षा से, जो एक शिक्षक अपने छात्र को देता है। जिस विद्यार्थी को जितना श्रेष्ठ ज्ञान प्राप्त होता है, वह उतना ही समाज में नाम और सम्मान कमाता है। हर व्यक्ति जीवन में कभी न कभी छात्र होता है, ऐसे में गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर अपने गुरुओं को शुभकामनाएं देना हमारा कर्तव्य है। इससे हम न सिर्फ उनके प्रति आभार जता सकते हैं, बल्कि उनके योगदान को भी सम्मान दे सकते हैं।

10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हम आपके लिए लाए हैं 10 ऐसी भावनात्मक कविताएं, जिन्हें भेजकर आप अपने गुरुओं का दिल जीत सकते हैं।

Guru Purnima par kavita

Guru Purnima Special Poem in Hindi (गुरु पर कव‍िता )

1.गुरु की महिमा निशि-दिन गाएं,
हर दम उनको शीश नवाएं।
जीवन में उजियारा भर लें,
अंधकार को मार भगाएं।
सत्य मार्ग पर चलना बच्चों,
गुरुदेव हमको सिखलाएं।
पर्यावरण बिगड़ न पाए,
धरती पर हम वृक्ष लगाएं।
पानी अमृत है धरती का,
बूंद-बूंद हम रोज बचाएं।
सिर्फ जिएं न अपनी खातिर,
काम दूसरों के भी आएं।
मात, पिता, गुरु, राष्ट्र की सेवा,
यह संकल्प सदा दोहराएं।
बातें मानें गुरुदेव की,
अपना जीवन सफल बनाएं।
- घनश्याम मैथिल

2. गुरु बिन ज्ञान न उपजे, गुरु बिन मिलै न मोक्ष।
गुरु बिन लहरे सुमति ना, गुरु बिन मिटे न दोष।।
पढ़ाते हो निस्वार्थ भाव से, देते सदा प्रेरणा।
हे गुरुवर तुम्हें वंदन, शत-शत हो वंदना।।
शिक्षक दिवस की ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं।

3. अज्ञान को ज्ञान की ज्योति दिखा कर,
अंधेरो को रौशनी का रास्ता दिखा कर।
ये गुरु है जो ज्ञान की किरणें फैला कर,
शिष्यों का भविष्य उज्जवल बनाते हैं।
सफलता के राह पर चलना सिखाकर,
हमें कामयाबियों के शिखर पर पहुंचाते है।
जीवन को जीने की दिशा दे कर,
हम सबको गुरु ही सफल बनाता है।

4. कभी डांट कर तो कभी मुस्कुरा कर,
कभी हाथ पकड़ कर लिखना सिखाया
आज हम आपका सम्मान करते हैं,
और आपके योगदान को हमेशा याद रखते हैं।
शिक्षक दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।

5. गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
जो अच्छा है जो बुरा है
उसकी हम पहचान करें
मार्ग मिले चाहे जैसा भी
उसका हम सम्मान करें
दीप जले या अंगारे हों
पाठ तुम्हारा याद रहे
अच्छाई और बुराई का
जब भी हम चुनाव करें
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
- सुजाता मिश्रा

6. कदम-कदम पर राह दिखाई, जीवन की सच्चाई सिखाई।
ज्ञान का दीप जलाने वाले, गुरुवर को शत-शत वंदन है।
शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं, करते हैं हम बार-बार,
आप ही तो हैं सच्चे शिक्षक, जो देते हमें संस्कार।
शिक्षक दिवस की ढेरों बधाई

7. ज्ञान की बातें जो सिखलाता,
गुरु हमारा वह कहलाता।
ज्ञान दीप की ज्योति देकर,
अंधकार को दूर भगाता।
संस्कार सिखलाए गुरु जी,
बड़ो का मान बतलाए गुरुजी।
अनुशासन भी वो सिखलाते,
त्याग समर्पण वह बतलाते।
सबको ज्ञान बांटते जाते,
अपना ज्ञान बढ़ाते जाते।
उनकी ताकत होती कलम,
कलम नहीं किसी से कम।
विद्यालय है घर जैसा,
हम सब उनके बच्चे जैसे।
एक साथ रहना बतलाए,
सबसे स्नेह करना सिखलाए।
उनके चरण कमल को मैं,
सत-सत नमन करती जाऊं।
ज्ञान दीप की ज्योति लेकर,
उनका मैं गौरव बन जाऊं।
- धारणी सोनवानी

8. आपसे मिली है प्रेरणा, सपनों को पंख लगाए,
आप ही तो हमारे सच्चे मार्गदर्शक कहलाए।
शिक्षा की इस ज्योत को हम, हरदम जलाए रखेंगे,
गुरुदेव को जीवन भर हम, हृदय से नमन करेंगे।
शिक्षक दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।कभी डांट कर तो कभी मुस्कुरा कर,
कभी हाथ पकड़ कर लिखना सिखाया
आज हम आपका सम्मान करते हैं,
और आपके योगदान को हमेशा याद रखते हैं।
शिक्षक दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।

9. जो हैं अटके, भूले-भटके,
उनको राह दिखाएंगे।
ज्ञान-विज्ञान संस्कार सिखा,
शिक्षा जोत जलाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
देश-धर्म और जात-पात से,
हम ऊपर उठ जाएंगे।
समता का नवगीत रचेंगे,
ज्ञान का अलख जगाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
छूट गए जो अंधियारे में,
अब अलग नहीं रह पाएंगे।
शिक्षा के अमर उजाले में,
उनको भी हम लाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
खेल-खेल में पढ़ना होगा,
ढंग नए अपनाएंगे।
महक उठेगा सबका जीवन,
सब बच्चे मुस्काएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।

10. जैसे दीपक अंधेरे में, प्रकाश फैलाता है,
वैसे ही गुरु, जीवन में ज्ञान जगाता है।
आपकी शिक्षा से, मन हुआ ज्ञानी,
आपके आशीर्वाद से, जीवन बना सुखी।
गुरु पूर्ण‍िमा की ढेरों शुभकामनाएं।

11. मां पहली गुरु है और सभी बड़े बुजुर्गों ने
कितना कुछ हमे सिखाया हैं
गुरु पूजनीय हैं
बढ़कर है गोविंद से
कबीर जी ने भी हमे सिखाया हैं
पशु पक्षी फूल काटे नदियाँ
हर कोई हमे सिखा रहा हैं
भारतीय संस्कृति का कण कण
युगों युगों से गुरु पूर्णिमा की
महिमा गा रहा हैं।

12. गुरु पर कविता हिंदी में
हर प्रकार से नादान थे तुम,
गीली मिट्टी के समान थे तुम।
आकार देकर तुम्हें घड़ा बना दिया,
अपने पैरों पर खड़ा कर दिया।

गुरु बिना ज्ञान कहां,
उसके ज्ञान का आदि न अंत यहां।
गुरु ने दी शिक्षा जहां,
उठी शिष्टाचार की मूरत वहां।

13. जानवर इंसान में जो भेद बताये
वही सच्चा गुरु कहलाये।
जीवन-पथ पर जो चलाना सिखाये
वही सच्चा गुरु कहलाये।
जो धेर्यता का पाठ पढ़ाये
वही सच्चा गुरु कहलाये।
संकट में जो हँसना सिखाये
वही सच्चा गुरु कहलाये।
पग-पग पर परछाई सा साथ निभाये
वही सच्चा गुरु कहलाये।

जिसे देख आदर से सिर झुकजाये
वही सच्चा गुरु कहलाये।

14. कहते है शक्कर
हमेशा होती है गुड़ से बेहतर
इसीलिये, जब चेले लाखों कमाते है
और गुरुजी अब भी अपनी पुरानी,
स्कूटर पर कॉलेज जाते है
लोग कहते है अक्सर
गुरूजी गुड़ ही रहे,
और चेलेजी हो गए शक्कर
पर वो ये भूल जाते है कि गुड़,
सेहत के लिए बड़ा फायदेमंद होता है
और ज्यादा शकर खानेवाला,
डाइबिटीज का मरीज बन,
जीवन भर रोता है
इसलिए लोग जो कहते है, कहने दें
गुरु को लाभकारी, गुड़ ही रहने दें
क्योंकि वो हमें देतें है ज्ञान
कराते है भले बुरे की पहचान
बनाते है एक अच्छा इंसान
इसलिए ऐसे गुरु को,
हमारा कोटि कोटि प्रणाम।
गुरु पूर्ण‍िमा की ढेरों शुभकामनाएं।

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