Latest Updates
-
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार
इस महिला के शरीर में पेशाब की जगह बन रही शराब, दुनिया का पहला ऐसा मामला
अमेरिका में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनने के बाद आप भी भौंचक्के रह जाएंगे। अमेरिका के पीट्सबर्ग की रहने वाली 61 साल की एक महिला के शरीर में पेशाब की जगह शराब यानी अल्कोहल बन रहा है। यह दुनिया का पहला ऐसा मामला है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दुर्लभ स्थिति है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में यूरिनरी ऑटो-ब्रेवरी सिंड्रोम कहते हैं। ऐसे मामले में ब्लेडर में अल्कोहल बनता है। आइए जानते है इस दुलर्भ बीमारी के बारे में।

लिवर ट्रांसप्लांट के लिए डोनर की तलाश भी
दरअसल ये मामला तब सामने आया जब इस बीमारी से जूझ रही पीड़िता लिवर सिरोसिस और डायबिटीज की वजह से लिवर ट्रांसप्लांट होना था, लेकिन डोनर नहीं मिलने के कारण जल्द इलाज नहीं हो पाया। डोनर मिलने तक महिला को अल्कोहल एब्यूज ट्रीटमेंट की सलाह दी गई है।

ब्लड टेस्ट में नहीं मिले अल्कोहल के प्रमाण
जब इस महिला को यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग मेडिकल सेंटर में हुई तो सभी टेस्ट में अल्कोहल पीने के संकेत मिले। इससे आशंका बढ़ी कि वे शराब पीने की बात को छिपा रही है। इसके बाद जब महिला का ब्लड टेस्ट कराया गया, लेकिन खून में अल्कोहल के प्रमाण नहीं मिले। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित केस रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की यूरिन में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा निकली, जिसे हाइपरग्लाइकोसूरिया कहते हैं।

ब्लेडर में था एथेनॉल का स्तर
मरीज को पहले से डायबिटीज की समस्या थी तो जिस वजह से यूरिन में शुगर की मात्रा ज्यादा मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, महिला के ब्लेडर में काफी मात्रा में यीस्ट जमा हुआ था, जो शुगर (ग्लूकोज) को एथेनॉल में बदलने का काम कर रहा था। यीस्ट ने लगातार फर्मेंटेशन (ग्लूकोज को एथेनॉल में बदलना) की वजह से ब्लेडर में एथेनॉल यानी अल्कोहल का स्तर बढ़ने लगा।

एंटी-फंगल ट्रीटमेंट भी नहीं आया कोई काम
जांच में मालूम चला कि महिला के शरीर में मौजूद यीस्ट कैंडिडा ग्लैबेरेटा है, जो आमतौर पर शरीर में पाया जाता है। महिला के शरीर में इस यीस्ट की मात्रा सामान्य की तुलना में काफी ज्यादा थी, जो कि कम देखने को मिलता है। कई बार इन यीस्ट को एंटी-फंगल ट्रीटमेंट की मदद से हटाने की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई फर्क नहीं देखनेको मिला। जब भी यीस्ट को हटाने की प्रकिया करते वैसे-वैसे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता जा रहा था।



Click it and Unblock the Notifications