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एक साथ खाने से कैसे मजबूत होते है पारिवारिक रिश्ते
प्यार, देखभाल और एकजुटता से मिलकर परिवार और परिवार के रिश्ते बनते है। पिछले कुछ सालों में हमने बहुत विकास किया, काफी कुछ सीखा और मार्डन वर्ल्ड में खुद को साबित किया लेकिन इन सबके बीच परिवार का साथ और प्यार पाने में कमी आती गई। पहले लोग संयुक्त परिवार में रहते थे तो उनके बीच प्यार था, आजकल सिर्फ सिंगल फैमिली बची है, ऐसे में वह लोग कभी - कभार गेट - टूगेदर कर लेते है या किसी पार्टी में मिल लेते है।
लेकिन इन दिनों सिंगल फैमिली में भी एकजुटता देखने को नहीं मिलती है, पैरेंट्स को बच्चों के लिए टाइम नहीं है, उन्हे ऑफिस से आने में देरी हो जाती है या बच्चों को अपने पैरेंटस के लिए टाइम नहीं है, सब अपने हिसाब से जीते है, कोई बॉन्डिंग नहीं होती है। पर अगर आप अपनी फैमिली को बहुत प्यार करते है और उनके साथ सुखद समय बिताना चाहते है तो एक साथ बैठे, बातें करें, मूवी देखें और अगर यह सबकुछ संभव न हों, तो कम से कम खाने के समय आप सभी एक साथ डाईनिंग टेबल पर बैठें। यहां नीचे बताया जा रहा है कि एक साथ भोजन करने से पारिवारिक सम्बंधों में कैसे मजबूती आती है : -

परिवार के साथ भोजन करने के महत्व
खाने के दौरान सम्बंध : साथ खाना खाने से न सिर्फ परिवार में दृढ़ता बढ़ती है बल्कि यंग जेनरेशन को भी आपस में मिलने और बात करने का मौका मिलता है। फैमिली में डाईनिंग टेबल ही ऐसी जगह होती है जहां सभी एक साथ बैठकर सबसे ज्यादा हंसी मजाक करते है और अपने अनुभव शेयर करते है।
समस्याएं हल होती है : डाईनिंग टेबल पर बैठकर परिवार के सभी सदस्य किसी समस्या को हल कर लेते है या कोई भी प्लान आसानी से बना लेते है। कोई संदेह होने पर भी आप टेबल पर ही बैठकर उसे क्लीयर कर सकते है।
खुलकर बातें करना : व्यस्तता के चलते कई बार आपके आपसी और निजी सम्बंधों में भी तनाव आ जाता है। ऐसे में खाने के दौरान सभी के साथ बैठकर आप अपनी बात आसानी से एक बार में ही सबके सामने बोल सकते है। इससे आपका तनाव और चिंता भी दूर हो जाएगी।
निगरानी : कई बार आपके घर में छोटे बच्चे और आपके बुजुर्ग माता पिता होते है। आप सारा दिन उनकी देखभाल करने में समक्ष नहीं होते, लेकिन खाने के दौरान उनके साथ बैठकर खाना खाने से आप उनकी डायट पर निगरानी रख सकते है। कोई कमी होने पर आप उनके लिए उस तरीके की व्यवस्था भी कर सकते है।
ब्रेकिंग द आइस : आपके पास अपने परिवार को देने के लिए समय कम होता है या किसी मनमुटाव के चलते आप सभी से बात करना पसंद नहीं करते है, ऐसी स्थिति में साथ डिनर करने से मनमुटाव दूर हो जाता है और आपकी फैमिली फिर से पहले जैसी हो जाती है।
समझना : आपके बच्चे अब बड़े होने लगे है और जल्दी ही वह खुद से छोटे - छोटे निर्णय भी लेने लगे है। ऐसे में खाने की टेबल पर बैठकर उनके साथ फ्रैंकली बात करें और उनके डिसीजन और सोच को समझें। सही राय दें।
टेबन मैनर्स सीखना : जब आप अकेले खाते है तो दिमाग में रहता है कि आपको कोई नहीं देखता और आप मनमुताबिक खाने लगते है, जैसे - हाथों से चावल खाना, बिना चबाएं कौर निगल लेना आदि। लेकिन जब फैमिली के साथ, सभी के सामने खाते है तो पूरे मैनर्स के साथ खाते है। इसके अलावा, बच्चों को साथ खाना खाने के दौरान डाईनिंग मैनर्स सिखा सकते है।



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